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विरोध के बाद सरकार ने नए पीएफ नियम को तीन महीने के लिए टाला – 10 खास बातें

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विरोध के बाद सरकार ने नए पीएफ नियम को तीन महीने के लिए टाला – 10 खास बातें
प्रतीकात्मक तस्वीर

केंद्र सरकार ने पीएफ़ की निकासी पर लगाई गई पाबंदी से जुड़ा नोटिफिकेशन तीन महीने के लिए रोक लिया है। इस नोटिफिकेशन में बदलाव किया गया है और अब यह 1 अगस्त से लागू होगा।
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सरकार ने नियोक्ता की ओर से पीएफ में कुल योगदान को निकालने पर रोक लगा दी थी, हालांकि अब ये पैसा कुछ स्थितियों में निकाला जा सकता है।
नए नियम के अनुसार अंशधारक अगर दो महीने से ज्यादा समय तक बेरोजगार रहता है, तो 31 जुलाई तक वह भविष्य निधि से पूरा पैसा निकाल सकेगा।
श्रम मंत्रालय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के पास जमा पूरी राशि को मकान खरीदने, गंभीर बीमारी, शादी तथा बच्चों की पेशेवर शिक्षा जैसे कार्यों के लिए अंशधारकों को निकालने की अनुमति देने पर विचार कर रहा है। मामले को मंजूरी के लिए कानून मंत्रालय के पास भेजा गया है।
इसके साथ ही अगर अंशधारक केंद्र या राज्य सरकार के प्रतिष्ठान से जुड़ता है और योगदान वाले भविष्य निधि या पेंशन योजना से जुड़ते हैं, तो उन्हें भविष्य निधि से पूरी राशि निकालने की इजाजत होगी।
इससे पहले फरवरी में मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर अंशधारकों के दो महीने से अधिक बेरोजगार होने पर भविष्य निधि से 100 फीसदी निकासी पर प्रतिबंध लगा दिया था।
इस नए नियम को पहले 10 फरवरी से लागू किया जाना था, लेकिन इसके विरोध को देखते हुए पहले इसे 30 अप्रैल तक टाला गया था और अब 31 जुलाई तक के लिए टाल दिया गया है।
श्रम मंत्री बंदारू दत्तात्रेय ने संवाददाताओं से कहा, ‘अधिसूचना (भविष्य निधि निकासी नियमों को सख्त बनाने से जुड़ी) लागू किए जाने पर 31 जुलाई 2016 तक के लिए रोक लगायी जा रही है। हम संबद्ध पक्षों के साथ इस बारे में चर्चा करेंगे।’
दत्तात्रेय ने कहा कि केंद्रीय न्यासी बोर्ड की बैठक बुलायी जाएगी ताकि इस बात पर विचार किया जा सके कि ईपीएफ में नियोक्ताओं के योगदान (मूल वेतन का 3.67 प्रतिशत) का कर्मचारियों के लिए कैसे बेहतर तरीके से उपयोग किया जा सकता है।
भविष्य निधि में से नियोक्ताओं के योगदान की निकासी पर पाबंदी को लेकर श्रमिक संगठनों के देश के विभिन्न भागों में विरोध प्रदर्शन के बीच मंत्री ने यह घोषणा की है।
कर्मचारी यूनियनें पीएफ निकासी नियमों को कड़ा किए जाने के फैसले को पूरी तरह से वापस लिए जाने की मांग कर रहे हैं। ईपीएफ कानून में संशोधन के खिलाफ विरोध कर रहे कपड़ा फैक्टरी में काम करने वाले कर्मचारियों पर सोमवार को पुलिस ने लाठीचार्ज किया था, जिसके बाद वहां विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया।

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