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अपराध समाचार
जादवपुर यूनिवर्सिटी में हंगामे के बाद राजनीति शुरू, छेड़छाड़ के खिलाफ 4 लोगों पर केस दर्ज

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3 ABVP कार्यकर्ताओं के खिलाफ छेड़छाड़ का केस दर्ज
पश्चिम बंगाल के जादवपुर यूनिवर्सिटी में शुक्रवार को फिल्म ‘बुद्धा इन ए ट्रैफिक जाम’ की स्क्रीनिंग को लेकर शुरू हुआ हंगामा बढ़ता ही जा रहा है. यूनिवर्सिटी में जारी अशांति के बीच पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के एन त्रिपाठी ने कहा कि यूनिवर्सिटी तेजी से ‘अशांति के एक केन्द्र’ के रूप में तब्दील हो रहा है. जिसके खिलाफ अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए.

4 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
वहीं यूनिवर्सिटी प्रशासन से 4 लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिनमें से 3 छात्रसंघ ABVP से जुड़े हैं. यूनिवर्सिटी प्रशासन की मानें तो शुक्रवार को हंगामे के दौरान कुछ छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की घटना हुई थी. छात्राओं ने छेड़छाड़ का आरोप बाहरी लोगों पर लगाया है जो फिल्म स्क्रीनिंग को लेकर कैंपस में घुसे थे. एफआईआर दर्ज कराने की पुष्टि करते हुए यूनिवर्सिटी के कुलपति सुरंजन दास ने कहा कि दो छात्रों ने छेड़छाड़ की शिकायत की है. पुलिस जांच में ये साफ हो जाएगी कि आखिर वे कौन लोग थे जो कैंपस में घुसकर इस तरह की हरकत की.

छात्रों की लड़ाई में कूदे राजनेता
इस बीच यूनिवर्सिटी कैंपस में छात्रों के दो गुटों के बीच शुरू हुई ये लड़ाई ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है. बीजेपी ने जादवपुर यूनिवर्सिटी को ‘राष्ट्र-विरोधी तत्वों’ का गढ़ करार दे दिया और कुलपति पर वाम दलों के साथ मिलकर राष्ट्र विरोधी तत्वों को समर्थन करने का आरोप लगाया है. पश्चिम बंगाल बीजेपी के प्रमुख दिलीप घोष ने कहा कि ‘जादवपुर यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों के बीच अशांति आम बात हो गई है. एक ऐसी फिल्म की स्क्रीनिंग अवैध रूप से रोक दी गई जिसे सेंसर बोर्ड की मंजूरी मिली हुई है.’ बीजेपी नेता वाम दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि फिल्मी स्क्रीनिंग को रोकना देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है.

कैंपस में राजनीति से छात्र प्रभावित
वहीं राज्य के कांग्रेस प्रमुख अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि जादवपुर यूनिवर्सिटी को राजनीतिक का अड्डा बनाया जा रहा है. कैंपस के अंदर राजनीतिक दलों की लड़ाई में छात्रों का नुकसान हो रहा है. उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल शैक्षणिक संस्थानों को राजनीति का अड्डा बनाने की कोशिश कर रहे हैं. कांग्रेस नेता की मानें तो कैंपस के अंदर राजनीति की इस लड़ाई से छात्रों पर बुरा असर पड़ेगा. उन्होंने सभी नेताओं से अपील है कि शैक्षणिक संस्थानों को छात्रों के लिए छोड़ दिया जाए. इसी में देश और छात्रों की भलाई है.

खुले में स्क्रीनिंग के दौरान मारपीट
पुलिस के मुताबिक फिल्म की स्क्रीनिंग को लेकर एबीवीपी और वाम दल समर्थित छात्र संगठनों के सदस्यों के बीच मारपीट हुई थी. इस घटना में कुछ छात्रों को मामूली चोटें आई थीं. अधिकारियों ने बताया कि यूनिवर्सिटी के गेट पर अग्निहोत्री को काले झंडे दिखाए गए और उनके खिलाफ नारेबाजी कर वापस जाने को कहा गया. वहीं फिल्मकार ने दावा किया कि कुछ छात्रों ने उनके साथ हाथापाई भी की और उनका घेराव किया. इस दौरान उनकी कार का शीश टूट गया. इससे पहले राज्य सरकार के यूनिवर्सिटी अलुमनी एसोसिएशन ने फिल्म की स्क्रीनिंग रद्द करने का फैसला किया था. जिसके बाद निर्माताओं ने खुले मंच में फिल्म की स्क्रीनिंग की थी.

विवेक अग्निहोत्री की फिल्म को लेकर हंगामा
गौरतलब है कि विवेक अग्निहोत्री के निर्देशन में बनी राजनीतिक पृष्ठभूमि की फिल्म ‘बुद्धा इन ए ट्रैफिक जाम’ की स्क्रीनिंग को लेकर शुक्रवार जादवपुर यूनिवर्सिटी में छात्रों के दो गुटों में संघर्ष हो गया था. संघर्ष की वजह से मौके पर अव्यवस्था फैल गयी थी जबकि कुछ लड़कियों के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की घटना हुई और अभिनेत्री से बीजेपी नेता बनी रूपा गांगुली को परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई थी. विरोधकर्ताओं का कहना है कि वह इस फिल्म में जिस तरह से राष्ट्रवाद को पोट्रे किया गया है उसका वो विरोध कर रहे हैं. जेएनयू में भी इस फिल्म का विरोध किया गया था. आगामी 13 मई को रिलीज होने वाली यह फिल्म एक बिजनेस स्कूल पर आधारित पॉलीटिकल थ्रिलर है और अभिनेता अनुपम खेर फिल्म में मुख्य भूमिका में हैं.

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