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पार्ट-2: जानें- मुसलमानों के खौफ से यूपी के कैराना से हिंदुओं के पलायन का सच
पार्ट-2: जानें- मुसलमानों के खौफ से यूपी के कैराना से हिंदुओं के पलायन का सच
कैराना: यूपी के कैराना में हिंदुओं के पलायन का सच क्या है? BJP सांसद हुकुम सिंह का दावा है कि कैराना में रहने वाले तीन सौ से ज्य़ादा हिंदू परिवार मुस्लिमों के खौफ की वजह से पलायन कर चुके हैं. बीजेपी के सांसद हुकुम सिंह ने 346 लोगों की एक लिस्ट भी जारी की है.
इस मुद्दे पर सियासत भी शुरू हो गई है. राजनीतिक माहौल गर्माता जा रहा है. पीलीभीत की सांसद और केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने कहा है कि एक समय ऐसा आएगा जब हर कोई यूपी से भाग जाएगा. लेकिन यूपी सरकार को कोई शर्म नहीं है.
मोदी सरकार के एक और केंद्रीय मंत्री और नोएडा से सांसद महेश शर्मा ने अखिलेश सरकार का इस्तीफा मांगा है. कह रहे हैं कि यूपी को कश्मीर बनाने की कोशिश हो रही है. दादरी के बाद कैराना की घटना बताती है कि यूपी सरकार का कानून व्यवस्था पर कोई नियंत्रण नहीं है.
बीजेपी सांसद हुकुम सिंह ने एक लिस्ट जारी कर दावा किया कि कैराना में रहने वाले 3 सौ से ज्यादा हिंदू परिवार मुस्लिमों के डर से पलायन कर गए हैं. बीजेपी सांसद के इस दावे की पड़ताल करने ABP न्यूज पहुंचा कैराना. ABP न्यूज संवाददाता अंकित गुप्ता ने वहां के लोगों से बातचीत कर जानने की कोशिश की कि आखिर सच क्या है.
बीजेपी सांसद ने पलायन कर चुके लोगों की जो लिस्ट जारी की है. उसमें तीसरा नाम है- विजय कुमार का. ABP न्यूज संवाददाता विजय कुमार की दुकान पर पहुंचे तो दुकान बंद मिली.
बीजेपी सांसद हुकुम सिंह की लिस्ट में 17वां नाम है अरविंद सिंघल का- अरविंद सिघल के पड़ोसियों ने बताया कि अरविंद सिंघल घर जा चुके हैं. यहां अब सिर्फ उनके किराएदार रहते हैं.
वहीं पलायन करनेवालों की लिस्ट में बयानवे नंबर पर भूषण लाल के परिवार का नाम है. ABP न्यूज की पड़ताल में पता चला कि भूषण लाल का परिवार 4 साल पहले ही कैराना छोड़ चुका है.
बीजेपी सांसद हुकुम सिंह की लिस्ट में 94वें, 95वें और 96वें नंबर पर राजीव जैन और संजीव जैन के परिवार का नाम है. जैन परिवार के घर पर ABP न्यूज पहुंचा तो वहां ताला लटका मिला.
लिस्ट में 93वें नंबर पर मोहनलाल गर्ग का नाम है- मोहनलाल गर्ग की दुकान पर भी ताला जड़ा हुआ है-वो भी यहां से पलायन कर चुके हैं.
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ABP न्यूज की पड़ताल में ये बात सामने आई कि कुछ लोग तो व्यवसाय मंदा होने से तो कुछ लोग यहां दिन-ब-दिन बढ़ रहे अपराध की वजह से पलायन कर रहे हैं, लेकिन मुस्लिम समुदाय के खौफ की वजह से पलायन की बात को लोग सिरे से खारिज कर रहे हैं.
रक्षित सिंह की रिपोर्ट:- कैराना का सच
हमारे संवाददाता रक्षित सिंह ने हुकुम सिंह के दावे की पड़ताल करने सबसे पहले कैराना के मुख्य बाजार पहुंचे, यहां मौजूद दोनों समुदाय के लोगों ने सांसद के दावे को गलत बताया. हालांकि, वैश्य समाज के लोगों का कहना है कि यहां व्यापारियों से रंगदारी मांगी जाती है. हाल के दिनों में तीन लोगों की हत्या भी हुई है जिसके बाद से व्यापारी दहशत में हैं.
दहशत और पलायन के दावों की पड़ताल के लिए जब हम सांसद की लिस्ट में 116 नंबर पर मौजूद प्रमोद जैन के घर पहुंचे तो मालूम चला कि प्रमोद अपनी पत्नी के साथ कैराना में ही रह रहे हैं.
कैराना में पहले पान की दुकान चलाने वाले पवन जैन अब दिल्ली बस चुके हैं, लेकिन उनके भाई का कहना है कि इसके पीछे पलायन नहीं बल्कि रोजगार वजह है. कैराना को करीब से जानने वाले बताते हैं कि अच्छा पैसा कमाने की चाहत में लोग बड़े शहरों की ओर रुख कर रहे हैं.
हमारी पड़ताल में डर की वजह से हिंदुओं के पलायन की बात की पुष्टि तो नहीं हो सकी लेकिन एक बात जो सामने आई वो ये कि यहां कि कानून व्यवस्था भगवान भरोसे है. हालांकि बीजेपी ने जांच समिति बनाकर सियासी गरमाहट और बढ़ा दी है. बीजेपी की जांच समिति 15 जून को कैराना पहुंचेगी और हिंदुओं के पलायन के बारे में जानकारी जुटाएगी. यूपी में अगले साल चुनाव हैं और उससे पहले कैराना का मुद्दा चुनावी रणनीति का हिस्सा बन सकता है.