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प्रधानमंत्री मोदी ताशकंद के लिए रवाना, चीन से NSG सदस्यता पर होगी बात
प्रधानमंत्री मोदी ताशकंद के लिए रवाना, चीन से NSG सदस्यता पर होगी बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद रवाना हो गए जहां वह शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की शिखर बैठक में भाग लेंगे और चीन के राष्ट्रपति सहित कुछ विश्व नेताओं के मुलाकात करेंगे । इस बातचीत के दौरान एनएसजी में भारत के दावेदारी का मुद्दा प्रमुखता से उठेगा।
एससीओ की दो दिवसीय बैठक की शुरूआत इस समूह में भारत को पाकिस्तान के साथ पूर्ण सदस्य बनाए जाने की प्रक्रिया के साथ होगी। अपनी रवानगी से पहले प्रधानमंत्री ने कहा भारत एससीओ शिखर बैठक में बातचीत से सार्थक परिणाम की आशा करता है।
उन्होंने कहा, ‘भारत एससीओ का सदस्य बनकर खुश है और एससीओ के माध्यम से विशेष रूप से आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में सार्थक परिणाम की आशा करता है।’ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट किया, ‘एशिया के दिल का संक्षिप्त दौरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एससीओ शिखर बैठक के लिए उज्बेकिस्तान रवाना हुए।’ मोदी ने कहा कि भारत मध्य एशिया के संबंधों को खासा महत्व देता है और इस क्षेत्र के साथ आर्थिक संबंधों और लोगों के बीच संबंधों को विस्तार देना चाहता है।
एनएसजी में एंट्री के लिए भारत के प्रयासों को अमेरिका के बाद फ्रांस ने भी दिया पुरजोर समर्थन
प्रधानमंत्री इस शिखर बैठक से इतर आज चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे जिस दौरान वह एनएसजी की सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी को लेकर चीन का समर्थन मांग सकते हैं। चीन भारत की दावेदारी के विरोध में रहा है। एससीओ की बैठक के साथ ही सोल में एनएसजी की बैठक भी शुरू हो रही है। सोल की बैठक में एनएसजी की सदस्यता के लिए भारत के आवेदन पर चर्चा हो सकती है। विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सुजाता मेहता ने कल कहा, ‘एससीओ में भारत के शामिल होने की प्रक्रिया बुनियादी दस्तावेज पर हस्ताक्षर के साथ पूरी होगी। इस दस्तावेज को दायित्व पत्र (मेमोरेंडम ऑफ ऑब्लिगेशं) कहा जाता है।’