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स्मृति ईरानी से छिन गया शिक्षा मंत्रालय, प्रकाश जावडेकर होंगे देश के नए शिक्षा मंत्री
स्मृति ईरानी से छिन गया शिक्षा मंत्रालय, प्रकाश जावडेकर होंगे देश के नए शिक्षा मंत्री
विवादों ने छीन लिया स्मृति ईरानी से शिक्षा मंत्रालय. स्मृति ईरानी को अब मोदी सरकार में कपड़ा मंत्री बनाया गया है. स्मृति ईरानी के लिये ये बड़ा झटका इसलिए है क्योंकि दो साल पहले लोकसभा चुनाव में हार के बावजूद स्मृति को शिक्षा मंत्रालय जैसा महत्वपूर्ण जिम्मा मिला था.
मंत्रिमंडल में फेरबदल में घटा कद
अपने तीखे तेवर और विवादों को लेकर लगातार सुर्खियों में रही स्मृति ईरानी का ये बयान मई 2014 का है, जब उनकी डिग्री का विवाद गरमाया था. उनके इस बयान का जिक्र इसलिए जरूरी है क्योंकि मोदी मंत्रिमंडल में सबसे बड़ा फेरबदल उन्हीं के साथ हुआ है.
अब बनाया गया कपड़ा मंत्री
स्मृति ईरानी से शिक्षा मंत्रालय लेकर उन्हें कपड़ा मंत्रालय दिया गया है. इस फैसले के साथ 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में स्मृति ईरानी का बीजेपी की ओर से सीएम उम्मीदवार का चेहरा बनाने की अटकलें भी थमती दिख रही हैं.
माना जा रहा है स्मृति ईरानी को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर मोदी सरकार विवादों से बचना चाह रही है.
विवादों ने छीना शिक्षा मंत्रालय?
दरअसल दो साल पहले शिक्षा मंत्रालय संभालने के साथ स्मृति ईरानी के साथ शुरू हुआ विवादों का सिलसिला थमता नहीं दिख रहा था. स्मृति ईरानी पर मंत्री बनते ही सबसे पहले चुनावी शपथ पत्र में डिग्री की गलत जानकारी देने का आरोप लगा.
स्मृति 2014 में ही दूसरी बार विवादों में घिर गईं. जब उनके मंत्री बनने के तुरंत बाद UGC के आदेश पर दिल्ली यूनिवर्सिटी को ग्रेजुएट डिग्री कोर्स की मियाद चार साल करने का फैसला वापस लेना पड़ा.
हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में दलित छात्र रोहित वेमुला की खुदकुशी को लेकर भी स्मृति ईरानी के मंत्रालय की खूब किरकिरी हुई.
वेमुला की खुदकुशी को लेकर विपक्ष ने स्मृति पर संसद को गुमराह करने का आरोप लगाया.
देशविरोधी नारेबाजी विवाद में दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी यानी JNU के छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया की गिरफ्तारी का विवाद भी खूब गरमाया. जमानत पर छूटने के बाद कन्हैया ने स्मृति पर जमकर निशाना साधा.
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अल्पसंख्यक यूनिवर्सिटी के दर्जे पर सवाल उठाकर भी स्मृति ईरानी विरोधियों के निशाने पर आ गई थीं.
IIT कैंटीन विवाद से भी स्मृति ईरानी का नाता रहा. तब शिक्षा मंत्रालय ने IIT संस्थानों को शाकाहारी छात्रों के लिए अलग हॉस्टल बनाने का निर्देश जारी किया था.
IIT मद्रास में दलित छात्रों के ग्रुप आंबेडकर पेरियार पर मोदी सरकार की आलोचना को लेकर बैन लगाने पर भी स्मृति ईरानी की खूब आलोचना हुई थी. होहल्ला मचने पर ये बैन हटा था.
इसके अलावा IIT मुंबई के बोर्ड के अध्यक्ष पद से परमाणु वैज्ञानिक अनिल काकोदकर का इस्तीफा, जर्मन भाषा की जगह संस्कृत पढ़ाने का विवाद और क्रिसमस की छुट्टी के दिन गुड गवर्नेंस डे रखने का विवाद भी स्मृति ईरानी के कार्यकाल के दौरान सामने आया. इन विवादों को लेकर मोदी सरकार लगातार विपक्ष के निशाने पर रही थी.
Prakash Javadekar
प्रकाश जावडेकर ही मोदी मंत्रिमंडल के इकलौते चेहरे हैं जिन्हें मिला है प्रमोशन
जावडेकर को पर्यावरण मंत्रालय में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार से कैबिनेट मंत्री बना दिया गया हैं.. प्रकाश जावडेकर की पांच ऐसी बातें जिनकी वजह से उन्हें प्रमोशन मिला.
बतौर पर्यावरण मंत्री स्वतंत्र प्रभार प्रकाश जावडेकर ने उन परियोजनाओं पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जो प्रधानमंत्री मोदी के दिल के बेहद करीब थी. फिर चाहें गंगा सफाई की बात हो, जलवायु सम्मेलन हो या स्वच्छ भारत की.
जावडेकर का मंत्रालय में जलवा
1. जलवायु सम्मेलन में भारत के हितों की रक्षा
पर्यावरण मंत्री रहते विश्व जलवायु सम्मेलन में जावडेकर के प्रयासों का ही नतीजा था कि भारत की बात विश्व स्तर पर सुनी गई और सभी देशों ने हमारे तय किए लक्ष्य को माना जिसमें 2030 तक कार्बन उत्सर्जन 35 फीसदी तक कम करना और प्रदूषण रहित ईंधन पर चालीस फीसदी निर्भरता बढ़ाना शामिल है.
2. सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आगे ले जाना
पेरिस में हुए जलवायु सम्मेलन में विश्व को सोलर एलायंस का कॉन्सेप्ट समझाया जिसे पहली बार में 120 देश सदस्य बनने को तैयार हो गए और इसका मुख्यालय भी भारत में ही बना.
3. गंगा सफाई में भागीदारी
दो साल में गंगा में जाने वाले औद्योगिक कचरे को 35 फीसदी तक कम कराने का श्रेय भी जावडेकर को ही जाता है.
4. स्वच्छ भारत के सपने में जुटे
जावडेकर ने सफाई के लिए पांच पॉलिसी बनाई जिसमें ईवेस्ट यानी मोबाइल, कंप्यूटर जैसे कचरे से लेकर कंस्ट्रक्शन वेस्ट मैनेजमेंट यानी मेट्रो-घर बनाने-तोड़ने में निकलने वाले मलबे को ठिकाने लगाने की नीति शामिल है.
5. फंड के इस्तेमाल के लिए बिल लाए
वन काटने के एवज में किसी प्रोजेक्ट से मिलने वाले पैसे के इसेतमाल के लिए बिल लोकसभा से पारित कराया गया है जिसे राज्यसभा में इस सत्र में लाया जाएगा. 42 हजार करोड़ रुपये का ये CAMPA फंड अभी तक इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है.
इतना ही नहीं वायु प्रदूषण के लिए भी national air quality index की शुरुआत 64 शहरों के लिए शुरु करने का जिम्मा भी प्रकाश जावड़ेकर के मंत्रालय ने ही उठाया.
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