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जन्माष्टमी पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की हुई नाफरमानी, दही हांडी फोड़ने की कोशिश में 126 घायल, 1 की मौत

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जन्माष्टमी पर गुरुवार को ठाणे-मुंबई में सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश की जमकर अवहेलना हुई जिसमें दही हांडी के लिए 20 फीट से ऊंचा मानव पिरामिड बनाने पर रोक लगाई गई थी। हांडी फोड़ने के चक्कर में 126 गोविंदा घायल हो गए। किसी की हड्डी टूटी तो किसी के सिर पर चोट लगी। इनमें से एक की करंट लगने से मौत हो गई। पुलिस ने कोर्ट का आदेश न मानने वाले 19 गोविंदा मंडलों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

– कुछ ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पूरी तरह से माना, तो कुछ ने इसके विरोध में जानबूझकर नाफरमानी की।
– सबसे ऊंचे मानव पिरामिड का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाले जय जवान पथक ने ठाणे में न सिर्फ 9 लेवल का पिरामिड बनाया, बल्कि सबसे ऊंचे लेवल पर बच्चे को भी चढ़ाया।
– ठाणे के नौपाडा पुलिस स्टेशन में जय जवान मंडल और ऑर्गनाइजर अविनाश जाधव के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
– मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने भी आदेश नहीं माना, उनकी पार्टी ने भी ठाणे में 49 फीट ऊंचाई पर दही हांडी लटकाई।
– नौपाडा में मनसे समर्थकों के उत्सव में पिरामिड की ऊंचाई 40 फीट से ज्यादा रखी गई थी।
– इसके ऑर्गनाइजर मनसे नेता अविनाश जाधव ने कहा कि,”सुप्रीम कोर्ट यह तय नहीं कर सकता कि हम अपना त्योहार कैसे मनाएं। अगर मैंने किसी कानून का उल्लंघन किया है तो मैं जेल जाने को तैयार हूं।”
ऐसे हुआ विरोध
– मुंबई के दादर इलाके में अनोखे ढंग से कोर्ट के फैसले का विरोध किया गया। गोविंदा सड़क पर लेट गए। दादर में फैसले पर विरोध जताते हुए 20 फुट ऊंची दही-हांडी फोड़ने के लिए सीढ़ी का इस्तेमाल किया गया।
– ठाणे में एक मंडल के कार्यकर्ताओं ने अपनी टी शर्ट पर ‘कानून तोड़ेंगे’ लिख रखा था।
– दही-हंडी उत्सव में 18 साल उम्र से कम लड़कों के हिस्सा लेने पर राज्य सरकार ने पाबंदी लगाई थी।
– सरकार ने यह फैसला सुप्रीमकोर्ट के आदेश के मद्देनजर लिया था।
126 घायलों में 34 गंभीर
– दही हांडी फोड़ने के बाद घायल हुए 126 गोविंदाओं में से 92 को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। 34 गोविंदाओं की हालत गंभीर है।
– केईएम अस्पताल के डीन डॉ. अविनाश सुपे के मुताबिक, घायल गोविंदाओं का इलाज किया जा रहा है और ज्यादातर मामले फ्रैक्चर के हैं।