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ये फैली हुई कब्रगाह मेरा मुल्‍क नहीं है, जानें राज्‍यसभा में कश्‍मीर पर क्‍या कह रहे नेता

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गुलाम नबी आजाद-अरुण जेटली

कश्मीर में तनाव को एक महीने से ज्यादा बीत गया है. अभी भी कई हिस्सों में कर्फ्यू जारी है. अब कश्मीर का तनाव संसद तक पहुंचा है. जहां कांग्रेस ने सरकार से कश्मीर मुद्दे पर चर्चा की मांग की थी. कांग्रेस की तरफ से गुलाम नबी आजाद ने सवाल दागे तो अरुण जेटली सरकार की ओर से जवाब दे रहे थे. जानिए क्या-कुछ हुआ राज्यसभा में..

1. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि एक महीने के सेशन में चार बार किसी मसले पर चर्चा हुई. कश्‍मीर मसले पर चौथी बार चर्चा करने के लिए मैं शुक्रिया अदा करता हूं.

2. पीएम सुबह से शाम तक संसद के कमरे में रहते हैं. लेकिन वो इतने नजदीक होकर भी इतने दूर क्‍यों हैं.

3. अटल बिहारी वाजपेयी यदि पर्लियामेंट में अपने कमरे में होते तो वो किसी हाउस में विशेष विषय पर चर्चा हो रही हो तो वो आ जाते थे. पर हमारे पीएम नहीं आते.

4. हमारे पीएम ने एमपी से कश्‍मीर को संबोधित किया. उन्‍होंने लोकसभा और राज्‍यसभा से ऐसा नहीं किया.

5. विपक्ष के हल्‍ले पर आजाद ने कहा कि मैं किसी को गाली नहीं दे रहा हूं.

6. मैं मर्यादा भी समझता हूं. पीएम को सब मालूम है कि कहां क्‍या हो रहा है.

7. पीएम की नजरों में विपक्ष और सदन की कोई कीमत नहीं है. उनका जब सीएम बोलेगा तभी वो इस मामले पर बोलेंगे.

8. ऐसी नाराजगी क्‍या है. विदेश में कोई घटना होती है तो आप ट्वीट करते हैं लेकिन कश्‍मीर पर ऐसा क्‍यों हो रहा है.

9. कल पीएम ने एमपी की धरती से कश्‍मीर पर नमक छिड़का.

10. उन बच्‍चों से भी कोई प्‍यार करें, जिनकी आंखें चली गई. मैं मानता हूं कि हमें मिलकर मिलिटेंसी का मुकाबला करना चाहिए.

11. आपका काम आग लगाना ही रहा है. जहां भी आपके कदम पड़ते हैं वहां आग लग जाती है.

इस पर जेटली ने कहा कि हमारी बहस का मुद्दा राष्ट्रीय होना चाहिए. आरोप-प्रत्यारोप का दौर बंद हो.

12. फिर आजाद ने कहा मैं वाजपेयीजी की बहुत कद्र करता हूं. इंसानियत, जम्‍हूरियत, कश्‍मीरियत जैसी बातें अटलजी के मुंह से ही अच्‍छी लगती थी.

13. कश्‍मीर में हमारी यही आज की लड़ाई है इंसानियत, जम्‍हूरियत, कश्‍मीरियत.

14. हम चाहते हैं कि एक ऑल पार्टी मीटिंग यहां हो जाए और एक ऑल पार्टी मीटिंग वहां भी हो जाए.

जम्‍मू कश्‍मीर के सांसद शमशेर सिंह ने इसके बाद कहा:

15. आखिर बच्‍चों के पास पत्‍थर कहां से आते हैं.

16. ये हमारी चिंता का विषय होना चाहिए कि बच्‍चे वहां के आगे कैसे बढ़ें.

17. सलाउद्दीन यहां से चुनाव लड़ चुका है. मैं इस पर ज्‍यादा बात नहीं करना चाहता. मैं ये जानना चाहता हूं कि इन अलगाववादियों को किसने बढ़ाया है.

18. मैं यह चाहता हूं कि बात सिर्फ कश्‍मीर पर न हो. जम्‍मू और लद्दाख की भी हो.

राम गोपाल यादव, सपा, उत्‍तर प्रदेश
19. कश्‍मीर की समस्‍या अब इतनी आसान नहीं रह गई है.

20. बंटवारे का तो हम शुरू से विरोध कर रहे थे. ये हमारे लिए नासूर बन गया.

21. अगर शिमला समझौते में थोड़ी सख्‍ती की जाती तो हालात आज कुछ और होते. ऐसी ही कई गलतियां हमसे हुईं.

22. जब तक पाक पर लगाम नहीं लगाई जाएगी तब तक कश्‍मीर में बवाल नहीं रुकेंगे.

डेरेक ओब्राइन, पश्चिम बंगाल, एआईटीसी

23. जिंदा रहने से ज्यादा मरने के बाद खतरनाक साबित हुआ बुरहान वानी.

24. एक दो नहीं, सारा बदन है छलनी. दर्द बेचारा परेशां हैं, उड़ूं तो आखिर कहां से.

शरद यादव, जदूय सांसद, बिहार

25. आज युद्ध का मामला नहीं है. युद्ध हो ही नहीं सकता है आपके और पाक के बीच में.

26. मोहब्‍बत से कश्‍मीरियों को जीतिए.

27. एकता के लिए काम ज्‍यादा सरदार पटेल ने किया. गोली से कोई समाधान नहीं होगा.

28. घर का बेटा बेटी कोई विद्रोह करता है तो क्‍या हम उसे समझाकर सहीं चीज नहीं बताते.

डीपी त्रिपाठी, सांसद एनसीपी, महाराष्‍ट्र

29. ये फैली हुई कब्रगाह मेरा मुल्‍क नहीं है.

30. कश्‍मीरी छात्रों के साथ देश के अन्‍य हिस्‍सों में अन्‍याय हो रहा है.

31. जेएनयू में आज कश्‍मीरी छात्रों को शक की नजर से देखा जा रहा है.

नजीर अहमद, सांसद पीडीपी, जेएंडके

32. कश्‍मीर का नौजवान आज देश का हिस्‍सा क्‍यों नहीं है. क्‍यूं हमें कश्‍मीर तब याद आता है जब वह जल रहा होता है.

33. वहां का नौजवान भी डॉक्‍टर बनना चाहता है. पर ऐसा नहीं हो रहा है.

34. हम बेहद कमजोर लोग हैं. हमसे युद्ध करने की जरूरत नहीं है.

35. अफजल गुरु को फांसी देने वाले कह रहे हैं कि उसके साथ इंसाफ नहीं हुआ है.

कर्ण सिंह, आईएनसी, दिल्‍ली

36. सबसे पहले मैं चाहता हूं कि पेलेट गन बैन हो.

37. ये बेहद बद्तर तरीका है.

38. अगर कश्‍मीर में कोई दल जाता है तो जाकर जनता से मिले. ये नहीं कि वो महबूबाजी से मिलकर आ जाए.

जितेंद्र सिंह, राज्‍यमंत्री, पीएमओ

39. कुछ ऐसी कैफियत है कि कुछ नहीं कहते. मन तो कर रहा था इस पर कई दिनों से बोलने का. मंत्री बनने पर संभलकर बोलना पड़ता है.

40. हम अपनी जरूरत के अनुसार गड़े मुर्दे उखाड़ लेते हैं.

41. अगर आप देश पर प्रश्‍नचिह्न लगाते हैं तो आपका नाम बुलंद हो जाता है. ये बुद्धिजीवियों का नया रिवाज है. इंटलेक्‍चुअल टेररिज्‍म.

42. अगर ये जेहाद इतना पावन है तो अपने बच्‍चों को क्‍यों नहीं भेज देते. अपने बच्‍चों को विदेशों में पढ़ाई के लिए भेजते हैं और गरीबों के बच्‍चों को उकसाते हैं.

43. मेरी प्रार्थना है कि हम आंकड़ों में न उलझे.

44. बार-बार कहा जा रहा है कि जब से बीजेपी आई तबसे गदर हो गया. तो सवा साल से क्‍यों कुछ नहीं हुआ.

45. गृहमंत्री श्रीनगर में दो दिन प्रवास किए. हजारों संदेश कांग्रेस के लोगों को भेजे गए पर वो नहीं आए. घर जाओ तो मिलेंगे नहीं और यहां कहेंगे हमसे मिलो.

46. क्‍या बिना कश्‍मीरी पंडितों के कश्‍मीरियत के कोई मायने है.

प्रताप सिंह बाजवा, आईएनसी, पंजाब

47. जिस्‍म चाहे जितना खूबसूरत हो यदि चेहरा अच्‍छा नहीं होगा तो सब बेकार है.

48. जब कश्‍मीर शांत रहेगा तब पंजाब शांत रहेगा.

49. हमारे रास्‍ते से ही सभी को होकर जम्‍मू जाना है. सारे जहां से अच्‍छा, हिंदुस्‍तान हमारा.

मीर मोहम्‍मद फयाज, सांसद पीडीपी, जेएंडके

50. जेएंडके में आपने पीएम से सीएम बनाया, वो भी हमने मंजूर किया.

51. अफजल गुरु को एससी ने फांसी दी थी. मैं यह जानना चाहता हूं कि उसका सीरियल नंबर 27 था. उसे पहले क्‍यों फांसी दी गई. इससे निगेटिव मैसेज जनता में गया.

52. वादे यदि हमने निभाए होते तो आज कश्‍मीर की हालत ये नहीं होती.

विवेक तन्‍खा, आईएनसी, पंजाब

53. किसी कश्‍मीरी पंडित को सदन में भेजने के लिए मैं कांग्रेस अध्‍यक्ष को धन्‍यवाद देता हूं.

54. कश्‍मीरी पंडित कश्‍मीर का एक महत्‍वपूर्ण अंग है. इनकी घर वापसी की प्‍लानिंग सरकार करवाए.

रामजेठमलानी, आरजेडी, बिहार
55. कश्‍मीर मसले से हमें पाक को दूर रखना चाहिए.

56. हमें पाक से किसी भी तरह की बात नहीं करनी चाहिए. बात हमें करनी चाहिए तो सिर्फ कश्‍मीरियों से.

बिश्‍वजीत दैमिरी, बीपीएफ, असम

57. कश्‍मीर में जो आज हो रहा है, उसकी वजह सिर्फ यही है कि केंद्र और वहां की जनता के बीच हमेशा कम्‍यूनिकेशन गैप रहा.

58. हमें यह जानना होगा कि कश्‍मीर के लोग आखिर सोचते क्‍या है और चाहते क्‍या है. उनके दुख सुनना जरूरी है.

सुखदेव सिंह ढींढसा, शिअद, पंजाब

59. पहले हमें उनका दिल जीतना होगा.

60. केंद्र और राज्‍य में एक ही है सरकार. इसलिए इसे हल करने का ये है बेहतर मौका.

रामदास अठावले, सामाजिक न्‍याय राज्‍य मंत्री
61. हमारे ऊपर हमले होते हैं. लेकिन हम दलित प्रांत की मांग नहीं कर रहे हैं.

62. जो भारत को तोड़ने का प्रयास करेगा उसका सत्‍यानाश होगा.

63. वहां से यदि आर्मी निकाल देंगे तो उनकी रक्षा कौन करेगा.

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