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शहाबुद्दीन मामले पर SC में सुनवाई जारी, रामजेठमलानी नहीं कर रहे हैं पैरवी

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आरजेडी नेता और सीवान से पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की जमानत रद्द करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है. सुप्रीम कोर्ट ने शहाबुद्दीन से पूछा था कि क्यों न आपकी जमानत रद्द की जाए, जिस पर शहाबुद्दीन को ओर से वकील अपना पक्ष रख रहे हैं. लंच के बाद भी सुनवाई जारी रहेगी.

शहाबुद्दीन की ओर से सीनियर वकील रामजेठमलानी पैरवी नहीं कर रहे हैं. जिसके बाद अब मामले को वकील शेखर नाफडे हैंडल कर रहे हैं और सुनवाई के दौरान वो कोर्टरूम में मौजूद हैं. वहीं पीड़ित चंदा बाबू की वकील पैरवी प्रशांत भूषण कर रहे हैं.

दरअसल अपने तीन बेटों को खोने वाले चंदा बाबू ने भी सुप्रीम कोर्ट में शहाबुद्दीन की जमानत रद्द करने की याचिका दी है. पिछले सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से पूछा था कि शहाबुद्दीन मामले में ट्रायल पर रोक क्यों हैं? जिसका जवाब में बिहार सरकार ने बताया था कि शहाबुद्दीन को सीवान से भागलपुर जेल ट्रांसफर किया गया है, जिसके कारण ट्रायल में दिक्कतें आईं.

चंदा बाबू ने अपनी याचिका में कहा है कि शहाबुद्दीन के जेल से बाहर निकलने पर सीवान में एक बार फिर दहशत का माहौल है. वहीं प्रशांत भूषण ने शहाबुद्दीन की जमानत का कड़ा विरोध किया है. उन्होंने कहा कि दो मामलों में शहाबुद्दीन को उम्रकैद की सजा और दूसरे अन्य मामलों में 30 साल की सजा हुई है. ऐसे में इस तरह के अपराधी को जमानत पर रहने का हक नहीं मिलना चाहिए.

गौरतलब है कि पटना हाईकोर्ट ने विचाराधीन राजीव रोशन हत्याकांड में शहाबुद्दीन को जमानत दी है. इस फैसले को राजेश रोशन के पिता चंदा बाबू उर्फ चंद्रकेश्वर प्रसाद, उनकी पत्नी कलावती देवी और बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.