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अफगानिस्तान में आईएस आतंकियों पर अमेरिका का बड़ा हमला, बंकरों पर गिराया 10 हजार किलो का बम
राष्ट्रपति बनने से पहले डॉनल्ड ट्रंप ने जो वादा किया था वो कल रात उन्होंने पूरा कर दिया. अमेरिका ने अफगानिस्तान में आईएसआईएस के आतंकियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए हुए कल रात सबसे बड़ा गैर-परमाणु बम गिरा दिया.
कल रात अफगानिस्तान में छिपे आईएस आतंकियों पर अमेरिका ने सबसे बड़े बम से हमला किया है. सुरंग और बंकरों पर अमेरिका ने 10 हजार किलो का बम गिराया है. ये बम अफगानिस्तान के नांगरहार प्रांत के अचिन जिले में गिराया गया है. ये जगह पाकिस्तान के पेशावर से सिर्फ 115 किलोमीटर दूर है. यानि की जगह पाकिस्तानी बॉर्डर से सटी हुई है. वहीं ये जगह दिल्ली से 1000 किलोमीटर दूर हैं.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अफगानिस्तान में बम गिराए जाने की अनुमति दी थी और उन्होंने इस अभियान को ‘अत्यंत सफल’ करार दिया.
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा, ‘‘यह वास्तव में एक सफल अभियान रहा. हमें हमारी सेना पर गर्व है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि इससे उत्तर कोरिया को संदेश मिलता है या नहीं. इससे कोई अंतर नहीं पड़ता. उत्तर कोरिया एक समस्या है. इस समस्या का समाधान निकाला जाएगा.’’ व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव सीन स्पाइसर ने अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बम अफगानिस्तान में स्थानीय समयानुसार शाम करीब सात बजे गिराया गया.
इस बम का नाम GBU- 43 है. अमेरिका ने पहली बार इस बम का इस्तेमाल किया है. इस बम में 11 टन यानि 11 हजार किलो विस्फोटक था. अमेरिका ने अपने विशालकाय MC-130 एयरक्राफ्ट के जरिए GBU- 43 बम गिराया. इस बम को मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स कहा जाता है.
इस बमबारी का मकसद अफगानिस्तान के नांगरहार में आईएसआईएस की गुफाओं को तबाह करना था. इन गुफाओं में आईएसआईएस के आतंकियों ने पनाह ली हुई थी. पिछले हफ्ते आईएसआईएस के खिलाफ कार्रर्वाई करते हुए एक अमेरिकी सैनिक नांगरहार में मारा गया था. अमेरिका की ताजा कार्रवाई इसी का नतीजा हो सकता है.
इराक और सीरिया में आतंक का राज स्थापित कर चुके आतंकी संगठन आईएसआईएस ने हाल ही में अफगानिस्तान में पैर जमाना शुरु किया था.
आईएसआईएस के खिलाफ अमेरिका ने खुली जंग छेड़ दी है. हफ्ते भर पहले अमेरिका ने सीरिया में 50 से ज्यादा मिसाइलें दागी थी. साफ है कि वो आईएसआईएस को जड़ से खत्म करने की चौतरफा रणनीति अपना रहा है.
अमेरिका के इस हमले में कितने आतंकी मारे गए हैं और आईएसआईएस को कितना नुकसान हआ है, इसका सटीक अंदाजा फिलहाल लगाना मुश्किल माना जा रहा है.