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आरोपों पर बोलीं मायावती, मेरे भाई का भीम आर्मी से कोई कनेक्शन नहीं

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सहारनपुर हिंसा में अपने भाई का नाम सामने आने के बाद बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने चुप्पी तोड़ दी है. मायावती ने कहा कि मेरे भाई का भीम आर्मी से कोई कनेक्शन नहीं है, बहुजन समाज पार्टी ऐसे आरोपों की निंदा करती है.

भीम आर्मी का मायावती कनेक्शन ?

आपको बता दें कि यूपी इंटेलिजेंस की रिपोर्ट में सहारनपुर में हिंसा भड़काने के आरोपी संगठन भीम आर्मी का मायावती के साथ कनेक्शन सामने आया है. यूपी पुलिस की रिपोर्ट में कहा गया है कि मायावती के भाई आनंद कुमार भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर के साथ लगातार संपर्क में थे.

BJP की प्रोडक्ट है भीम आर्मी: मायावती

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने भीम आर्मी से किसी तरह का संबंध होने से इनकार किया है. मायावती ने कहा कि यूपी पुलिस की रिपोर्ट पूरी तरह से गलत है. उन्होंने कहा कि सहारनपुर हिंसा के लिए बीजेपी जिम्मेदार है और भीम आर्मी उसी की प्रोडक्ट है. मायावती ने कहा कि मेरे भाई का भीम आर्मी से कोई कनेक्शन नहीं है. बीएसपी ऐसे आरोपों की निंदा करती है.

‘भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर के संपर्क में थे मायावती के भाई’

आज यूपी इंटेलिजेंस ने सहारनपुर हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक रिपोर्ट सौंपी है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि मायावती के भाई आनंद कुमार भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर के लगातार संपर्क में रहे हैं. इस रिपोर्ट में बड़ी बात ये है कि आनंद कुमार सहारनपुर में हुए बवाल के बाद भी चंद्रशेखर के संपर्क में थे. इस रिपोर्ट में ये कहा गया है कि मायावती की पार्टी बीएसपी लगातार भीम आर्मी की मदद करती रही है.

‘यूपी के और इलाकों में भी फैल सकती है हिंसा’

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सहारनपुर हिंसा मामले में योगी सरकार से रिपोर्ट मांगी है. दरअसल खुफिया एजेंसियों को शक है कि ये हिंसा यूपी के और इलाकों में भी फैल सकती है. तो वहीं सहारनपुर के नए एसएसपी बबलू कुमार ने भरोसा दिया है कि बहुत जल्द हालात नियंत्रण में होंगे.

शब्बीरपुर को गोद लेंगे बीजेपी सांसद

इसी बीच सहारनपुर के बीजेपी सांसद राघव लखनपाल ने कहा है कि वो दलितों के गांव शब्बीरपुर को गोद लेंगे और आदर्श ग्राम योजना के तहत शब्बीरपुर गांव को आदर्श गांव बनाएंगे.

1 महीने से जातीय संघर्ष की आग में सुलग रहा है सहारनपुर

सहारनपुर के हालात को देखते हुए वहां मोबाइल इंटरनेट और मोबाइल मैसेजिंग सेवाएं रोक दी गई हैं. अफवाह रोकने और शांति कायम करने के लिए स्थानीय प्रशासन ने यह कदम उठाया है. आपको बता दें कि यूपी का सहारनपुर पिछले 1 महीने से जातीय संघर्ष की आग में सुलग रहा है.