व्यापार
अप्रैल-अगस्त में डायरेक्ट टैक्स संग्रह 17.5% बढ़ाः 2.24 लाख करोड़ रुपये हुआ
चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों अप्रैल-अगस्त में डायरेक्ट टैक्स संग्रह 17.5 फीसदी बढ़कर 2.24 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. मुख्य रूप से व्यक्तिगत आयकर की वजह से डायरेक्ट टैक्स संग्रह बढ़ा है. चालू वित्त वर्ष के लिए यह कुल बजट अनुमान का 22.9 फीसदी है. इसमें व्यक्तिगत आयकर और कॉरपोरेट कर आता है. सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 9.80 लाख करोड़ रुपये के डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन का लक्ष्य रखा है.
वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा कि अगस्त, 2017 तक डायरेक्ट टैक्स संग्रह में अच्छी वृद्धि हुई है. रिफंड के बाद डायरेक्ट टैक्स संग्रह 17.5 फीसदी बढ़कर 2.24 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. सकल राजस्व संग्रह की दृष्टि से व्यक्तिगत आयकर संग्रह (प्रतिभूति लेनदेन कर सहित) 16 फीसदी बढ़ा, जबकि कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन में पांच फीसदी का इजाफा हुआ.
अप्रैल से अगस्त के दौरान 74,089 करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया. यह इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में जारी रिफंड से 7.2 फीसदी कम है. रिफंड को एडजस्ट करने के बाद कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन में शुद्ध बढ़ोतरी 18.1 फीसदी और इनकम टैक्स कलेक्शन में 16.5 फीसदी की वृद्धि हुई. इससे पिछले वित्त वर्ष की अप्रैल से अगस्त की अवधि में डायरेक्ट टैक्स संग्रह 15.03 फीसदी बढ़कर 1.89 लाख करोड़ रुपये रहा था.
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