खेल
यो-यो टेस्ट में पास हो कर भी क्यों फेल हो गए युवराज
भारतीय क्रिकेट टीम को तीन विश्व कप दिलाने वाले स्टार खिलाड़ी युवराज सिंह को एक बार फिर चयनकर्ताओं ने नजरअंदाज किया. वो भी तब जब उन्होंने चयन के मानक माने जाने वाले यो-यो टेस्ट को तीन बार फेल होने के बाद पास कर लिया. यो-यो टेस्ट में पास होने के बाद युवराज की वापसी की संभावना बढ़ गई थी लेकिन श्रीलंका के खिलाफ वनडे और टी 20 टीम में उनका चयन नहीं हो पाया.
चैंपियंस ट्रॉफी के बाद वेस्टइंडीज दौरे पर गए युवराज सिंह इसके बाद से टीम में जगह बनाने में असफल रहे हैं. श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले से पहले उन्हें जब टीम से बाहर किया गया था तब ये कहा गया था कि उन्हें आराम दिया गया है. लेकिन कुछ दिनों बाद ही ये साफ हो गया कि युवराज की फिटनेस अब उस स्तर की नहीं है जिसकी जरूरत भारतीय टीम को है. युवराज लगातार यो-यो टेस्ट में फेल होते गए जिसके कारण उनके चयन की संभावनाएं भी खत्म होती गई.
सोमवार को एक इवेंट के दौरान युवराज ने अपने चयन को लेकर कहा था कि ‘‘मैं यह बताना चाहूंगा कि मैं असफल रहा हूं. मैं अब भी नाकाम हूं. मैं कम से कम तीन फिटनेस टेस्ट में नाकाम रहा लेकिन कल मैंने अपना फिटनेस टेस्ट पास कर दिया. सत्रह साल बाद मैं अब भी असफल हो रहा हूं. ’’
वहीं भारतीय क्रिकेट टीम के चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने साफ कर दिया कि क्यों यो-यो टेस्ट में पास होने के बाद भी युवराज टीम में शामिल नहीं किए गए. प्रसाद ने कहा, मैं खुश हों कि उन्होंने यो-यो टेस्ट पास कर लिया है, लेकिन उन्होंने पिछले कुछ समय से किसी भी तरह का क्रिकेट नहीं खेला है. इसलिए पहले वो मैदान पर कुछ कमाल दिखाए फिर उनका चयन टीम में किया जाएगा.
युवराज से कहां हुई गलती
युवराज ने टीम में चयन का आधार सिर्फ यो-यो टेस्ट को माना और यहीं युवराज से बड़ी गलती हो गई. फिटनेस को बेहतर करने के लिए उन्होंने मैदान तो चुना लेकिन वो रणजी का न होकर नेशनल क्रिकेट एकेडमी का था. युवराज ने पूरे सीजन में सिर्फ दो रणजी मैच खेले लेकिन उनका प्रदर्शन उस स्तर का नहीं था जो सुर्खियां बटोर पाती. पंजाब की टीम पहले राउंड के बाद रणजी से बाहर हो गई है.
हालांकि युवराज मानते हैं कि उनमें अभी काफी क्रिकेट बाकि है और उन्होंने अपना लक्ष्य 2019 विश्व कप खेलने का रखा है. अब देखना होगा कि विजय हजारे वनडे टूर्नामेंट और सैयद मुश्ताक अली टी 20 में युवराज का प्रदर्शन कैसा होता है. संभव है कि ये दो बड़े टूर्नामेंट युवराज का भविष्य भी तय कर दे