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टेक्नोलॉजी
iPhone, माइक्रोमैक्स और लेनोवो के स्मार्टफोन होंगे मंहगे

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मोबाइल हैंडसेट खासकर आईफोन के ज्यादात्तर म़ॉडल महंगे हो सकते हैं, क्योंकि सरकार ने मोबाइल हैंडसेट के साथ टेलीविजन पर आय़ात शुल्क बढ़ा दिया है. इसी तरह की बढ़ोतरी माइक्रोवेब अवन, वाटर हीटर वगैरह पर बढ़ायी गयी है.

वित्त मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर आयात शुल्क में बढ़ोतरी की है. इसके तहत मोबाइल हैंड सेट पर आयात शुल्क 10 के जगह 15 फीसदी होगी. ये नयी दरें लागू हो गयी हैं।

मोबाइल हैंडसेट बाजार पर नजर रखने वाली संस्था काउंटरप्वाइंट के मुताबिक, 2017 के दौरान करीब 28 करोड़ मोबाइल हैंडसेट बिकने का अनुमान है. इसमे से 80 फीसदी मेक इन इंडिया होंगे जबकि बाकी आयातित यानि बाहर से बनकर आएंगे. आयात करने वालों में एपल, माइक्रोमैक्स, लेनेवो मुख्य रुप से शामिल हैं.

काउंटरप्वाइंट के मुताबिक, एपल देश में बिकने वाले अपने मॉडल का करीब 88 फीसदी आयात करता है. ऐसे में अब या तो वो दाम बढ़ाएगी या फिर यहीं पर फोन असेंबल करना शुरु करेगी. रिसर्च एजेंसी का ये भी कहना है कि माइक्रोमैक्स और लेनेवो ने एसेंबली लाइन विकसित तो कर दिया है, लेकिन वहां काम शुरु नहीं हो पाया है. अब उम्मीद है कि ताजा फैसले के बाद दोनों ही कंपनियां यहां उत्पादन शुरु करेंगी.

मोबाइल हैंडसेट बाजार में सैमंसग का दबदबा है और वो अपने सारे हैंडसेट यहीं तैयार करती है. देश में इस समय हर साल करीब 50 करोड़ मोबाइल हैडसेट तैयार हो रहा है जबकि तीन साल पहले ये संख्या 25 करोड़ के करीब थी.

टेलीविजन
टेलीविजन सेट के बाजार में वैसे तो ढेरों कंपनियां है लेकिन बाजार के बड़े हिस्से पर सैमसंग, एलजी और सोनी काबिज है. बाजार सूत्रों के मुताबिक, ड्यूटी में बढ़ोतरी का सैमसंग और एलजी पर कोई असर नहीं पड़े, क्योंकि उनके सारे टीवी सेट यहीं तैयार होते हैं. अलबत्ता सोनी पर जरुर असर पड़ सकता है, क्योंकि वो बड़े पैमाने पर आय़ात करती है. फिलहाल, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आय़ी है। ध्यान रहे कि देश में करीब 90 लाख टीवी सेट इस समय सालाना आधार पर बिकते हैं.