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कावेरी जल विवाद मुद्दा: तमिल संगठन ने प्रदर्शन तेज करने की दी चेतावनी
कावेरी नदी जल विवाद सुलझने की जगह और अधिक उलझता जा रहा है। इस मामले में केंद्र और तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं।
चेन्नई, पीटीआइ। कावेरी जल विवाद मुद्दे के और गरमाने के आसार नजर आ रहे हैं। इस मुद्दे पर पिछले सप्ताह आइपीएल के विरोध में प्रदर्शनों का नेतृत्व करने के बाद तमिल समर्थक संगठन तमिझगा वझवुरीमई काची (टीवीके) ने मरीना बीच पर प्रदर्शन करने सहित आंदोलन तेज करने की धमकी दी है। ऐसा माना जा रहा है कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, वैसे-वैसे कावेरी जल विवाद का मुद्दा भी गरमाएगा।
टीवीके प्रमुख टी वेलमुरूगन ने कावेरी प्रबंधन बोर्ड (सीएमबी) गठन के लिए केंद्र से अनुरोध करते हुए अपने संगठन के विरोध प्रदर्शन के तहत वेदांता रिसोर्सेज के मालिकाना हक वाली एक एलुमिनियम कंपनी और दक्षिणी रेलवे को जलापूर्ति रोकने की धमकी दी है। वेदांता रिसोर्सेज तूतीकोरीन जिले में स्टरलाइट कॉपर का भी संचालन करती है।
स्थानीय लोग स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए धातु गलाने वाले एक संयंत्र को बंद कराने की मांग कर रहे हैं। संवाददाताओं से वेलमुरूगन ने कहा कि कावेरी को लेकर प्रदर्शन के तहत टीवीके ने मरीना बीच पर प्रदर्शन करने की योजना बनायी है।
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ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट ने कावेरी जल बंटवारे के फैसले को लागू करने के लिए योजना तैयार न करने पर केंद्र सरकार को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने केंद्र सरकार से 3 मई तक कावेरी जल बंटवारे की योजना तैयार करके देने का निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट ने तमिलनाडु और कर्नाटक सरकार से इस मुद्दे पर शांति बनाए रखने को कहा है। केंद्र के द्वारा कावेरी मैनेजमेंट बोर्ड (सीएमबी) की स्थापना में विफलता पर तमिलनाडु सरकार ने केंद्र के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की है।
कावेरी नदी जल विवाद सुलझने की जगह और अधिक उलझता जा रहा है। इस मामले में केंद्र और तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं। केंद्र ने जहां फैसला लागू करने के लिए मोहलत मांगी वहीं राज्य सरकार ने शीर्ष अदालत से केंद्र पर कोर्ट की अवमानना की कार्यवाही चलाने की मांग की थी। राज्य सरकार का कहना है कि केंद्र ने जानबूझकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा 16 फरवरी को दिए गए फैसले को लागू नहीं किया।