Menu

देश
मेरठ में BJP का मंथन, महागठबंधन के खिलाफ लड़ने का मंत्र देंगे शाह

nobanner

2019 लोकसभा चुनावों में सीटों के लिहाज से देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में भाजपा कार्यसमिति के मंथन का आज दूसरा और आखिरी दिन है. जिसमें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह यूपी के सभी बीजेपी सांसद-विधायक समेत पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे.

‘आजतक’ से बात चीत में यूपी बीजेपी के सह मीडिया प्रभारी आलोक अवस्थी का कहना है कि जिलाध्यक्षों और जिला प्रभारियों की बैठक के बाद, दूसरे दिन 2019 लोकसभा चुनावों के लिए राजनीतिक प्रस्ताव पारित होगा. जिसके बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के समापन भाषण के साथ ही इस दो दिवसीय चिंतन बैठक का समापन होगा.

आलोक अवस्थी का कहना है कि कार्यसमिति की बैठक के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सभी 324 विधायकों समेत प्रदेश के सभी सांसदों के साथ अलग से बैठक करेंगे. जिसमें मुख्य रूप से 2019 चुनाव को लेकर आगामी कार्ययोजना पर चर्चा होगी.

बता दें कि मेरठ पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति का बड़ा केंद्र है, जहां 21 साल बाद प्रदेश कार्यसमिति का आयोजन किया जा रहा है. इससे पहले कानपुर, मिर्जापुर, चित्रकूट और लखनऊ में प्रदेश कार्यसमिति बैठक हो चुकी है. मेरठ में होने वाली इस बैठक में बीजेपी हाल के दिनों में हुए उपचुनावों में सपा-बसपा-रालोद गठबंधन से मिली हार के बाद इस तिकड़ी को मात देने के लिए आगे की रणनीति तैयार करेगी. जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासी जमीन से 2014 और 2017 जैसी कामयाबी फिर से हासिल की जा सके.

पश्चिमी यूपी की सहारनपुर, बिजनौर, नगीना, मेरठ, मुजफ्फरगर, मुरादाबाद, अलीगढ़, संभल, एटा, फतेहपुर सीकरी, मथुरा ऐसी लोकसभा सीटें हैं जहां 2014 में बीजेपी को जीत मिली थी. लेकिन गैर-बीजेपी दलों का वोट बीजेपी से ज्यादा था. अब इन दलों के एक साथ आ जाने से बीजेपी को नुकसान होने का खतरा है. लिहाजा बीजेपी की नजर 18 साल पूरा कर पहली बार मतदान करने वाले युवाओं पर टिकी है. रणनीतिकारों का मानना है कि जिस तरह 2014 और 2017 में युवाओं के बल पर बीजेपी सत्ता में आई इस बार भी उनको जोड़ने में जोर लगाना होगा.

बीजेपी के रणनीतिकारों का मानना है कि संयुक्त विपक्ष के सपा-बसपा-कांग्रेस-रालोद गठबंधन को मात देने के लिए बीजेपी कार्यकर्ताओं को किसी भी हाल में हर सीट पर 51 फीसदी वोट के लक्ष्य को ध्यान में रखकर अपनी रणनीति तैयार करनी होगी. प्रदेश की तकरीबन 46 लोकसभा सीटें ऐसी हैं जहां सपा-बसपा-कांग्रेस-रालोद के वोट जोड़ने पर बीजेपी से ज्यादा है. यही बीजेपी के यूपी मिशन 73+ के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय भी है.

503 Service Unavailable

Service Unavailable

The server is temporarily unable to service your request due to maintenance downtime or capacity problems. Please try again later.

Additionally, a 503 Service Unavailable error was encountered while trying to use an ErrorDocument to handle the request.