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राजनीति
मायावती का हमला- BSP को कमजोर करना चाहती है कांग्रेस, इसलिए नहीं किया गठबंधन

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बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती ने 13 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ में अपना चुनावी बिगुल फूंक दिया. इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य की सरकारों पर जमकर हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की रमन सरकार ने जनता से कई वादे किए, लेकिन उनको पूरा नहीं किया. इस दौरान मायावती ने कांग्रेस पर बीएसपी को कमजोर करने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा कि हिंदी भाषी राज्यों में बीएसपी के बढ़ते जनाधार से कांग्रेस परेशान थी. वो बीएसपी को कमजोर करना चाहती थी और बहुत कम सीटें दे रही थी, जबकि हम सम्मानजनक सीट मांग रहे थे. इसी वजह से हमने कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं किया.

रैली को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है. अब गठबंधन के लोगों की यह कोशिश होनी चाहिए कि हमारे ज्यादा से ज्यादा प्रत्याशी चुनाव जीतकर आएं, ताकि यह गठबंधन अपने बलबूते बहुमत की सरकार बना सके. उन्होंने कहा कि सूबे में हमारी सरकार बनने पर दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों, गरीबों, मजदूरों और व्यापारियों का विकास होगा. साथ ही लोग स्वाभिमान के साथ जीवन जी सकेंगे.

उन्होंने कहा कि राज्य में विकास होगा, तो नक्सलवादी गतिविधियां में लगाम कसा जा सकेगा. नक्सली खुद रास्ते पर आ जाएंगे. आदिवासी और दलित विरोधी सरकार होने की वजह से नक्सली गतिविधियां बढ़ी हैं. इस दौरान मायावती ने नोटबंदी, कालाधन, राम मंदिर और मॉब लिंचिंग के मसले पर बीजेपी सरकार को जमकर कोसा. उन्होंने कहा कि चुनाव करीब आते ही बीजेपी राम मंदिर का मुद्दा उछालने लगती है. अब बीजेपी एक राम मंदिर नहीं, बल्कि चाहे जितने भी राम मंदिर बनवा ले, लेकिन उसको कोई चुनावी फायदा नहीं होगा.

इस दौरान मायावती के साथ जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) प्रमुख अजीत जोगी भी मौजूद रहे. यह पहला मौका है, जब मायावती छत्तीसगढ़ में किसी अन्य दल के साथ मंच साझा किया है. बीएसपी ने अगले महीने छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के साथ गठबंधन किया है.

चुनाव गठबंधन समझौते के मुताबिक 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए बसपा 35 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि जेसीसीजे 55 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. अजित जोगी को गठबंधन में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया गया है. बाजपेयी ने कहा, उनके (मायावती) दौरे के बाद 35 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की जाएगी. माना जा रहा है कि यह गठबंधन छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव को खासा प्रभावित करेगा. कई विधानसभा क्षेत्रों में त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना मानी जा रही है.