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आरटीआई कार्यकर्ता अमित जेठवा हत्याकांड के आरोपी भाजपा के पूर्व सांसद दीनू बोघा सोलंकी को हाईकोर्ट ने दी जमानत
गुजरात के चर्चित आरटीआई कार्यकर्ता अमित जेठवा हत्याकांड के सिलसिले में कोडिनार के पूर्व भाजपा विधायक और सांसद दीनू बोघा सोलंकी की जमानत याचिका की अपील पर आज गुजरात हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। उच्च न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और सोलंकी को एक रुपए के मुचलके पर जमानत दे दी। हालांकि, कोर्ट ने बिना इजाजत देश से बाहर जाने पर पाबंदी लगा दी है।
सीबीआई अदालत ने सुनाई है उम्रकैद की सजा
गुजरात में अहमदाबाद की सीबीआई अदालत ने आरटीआई कार्यकर्ता अमित जेठवा हत्याकांड में सात लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इन सात आरोपियों में भाजपा के पूर्व सांसद दीनू सोलंकी भी शामिल हैं। 20 जुलाई 2010 को अमित जेठवा की हाईकोर्ट के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
दरअसल, जेठवा ने आरटीआई के जरिए दीनू सोलंकी की कथित संलिप्तता वाली अवैध खनन गतिविधियों को उजागर करने की कोशिश की थी। जेठवा ने एशियाई शेरों के वास स्थान गिर वन क्षेत्र में अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका भी दायर की थी।
अपराध शाखा द्वारा सोलंकी को क्लीनचिट दिए जाने के बाद गुजरात उच्च न्यायालय ने इसकी जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंप दी थी। वर्ष 2009 से 2014 तक गुजरात के जूनागढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुके सोलंकी को उनके चचेरे भाई शिव सोलंकी और पांच अन्य के साथ भारतीय दंड संहिता के तहत हत्या और आपराधिक साजिश रचने के आरोपों का दोषी माना था।
बता दें, मृतक के पिता भीखाभाई जेठवा के उच्च न्यायालय का रुख करने के बाद अदालत ने मामले की नए सिरे से जांच का आदेश दिया था। उन्होंने उच्च न्यायालय से कहा था कि आरोपियों द्वारा दबाव डालने और भयादोहन करने के चलते करीब 105 गवाह मुकर गए।