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पंचायत की तानाशाही: बेटी की पढ़ाई से नाराज पंचों ने पिता पर लगाया तीन लाख का जुर्माना, परिवार को समाज से किया बाहर

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राजस्थान में पंचों के फैसले लोगों के लिए जी का जंलाल बन गए हैं। पंचों के फैसले से तंग आकर कोई जान देने की कोशिश कर रहा है तो पुलिस के आगे न्याय की गुहार लगा रहा है। पाली के रोहट थाना इलाके में ऐसा ही एक मामला सामने आया है। यहां एक लड़की के पढ़ाई करने पर पंचों ने परिवार को समाज से बाहर कर दिया। पंचों की मनमानी यहीं नहीं रुकी, उन्होंने परिवार पर तीन लाख रुपए जुर्मना भी लगा दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दानासनी गांव के मोहन बंजारा ने रोहट थाने एक शिकायत दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि उसके परिवार को पंचों ने बेटी के पढ़ाई करने के कारण समाज से बाहर कर दिया है। साथ ही फैसला सुनाते हुए तीन लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। पीड़ित ने बताया कि पंचों ने उससे कहा कि तुम्हारी बेटी का शादी हम जहां बताएंगे, वहां कर देना। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी पढ़ाई करना चाहती है, कुछ बनना चाहती है। इसलिए उसने शादी करने से मना कर दिया। इस बात पर नाराज होकर पंचों ने उसे समाज से बहिष्कृत कर दिया।

जबरन ले लिए 42 हजार रुपए

फरियादी बंजारा ने अपनी शिकायत में पुलिस से कहा कि पिछले साल समाज के कुछ पंच उसके घर आए। उन्होंने कहा कि 12 दिसम्बर को नया गांव जगदंबा कॉलोनी के रामदेव मंदिर में समाज बैठक है, उसमे शामिल होना है। इस दौरान पंचों ने गाड़ियों के और खाने-पानी का खर्चा देने की बात कहते हुए 42 हजार रुपए जबरन ले लिए। तय तारीख के जब वह वहां पहुंचा तो उस पर तीन लाख का जुर्माना लगा दिया।

बीमारी से बेटे की हो गई मौत

पीड़ित ने पुलिस से कहा कि पंचों के फैसले के कारण उनके घर का माहौल खराब हो गया है। तनाव में रहने के कारण बेटी हाईस्कूल की परीक्षा में फेल हो गई। उसका इकलौता बेटा बीमार हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।