Menu

अमर उजाला शिक्षा अभियान: सरकारी स्कूलों का हुआ कायाकल्प, अभिभावकों को मिला भारी भरकम फीस न देने का विकल्प

nobanner

विस्तार

कोरोना संक्रमण काल में निजी स्कूलों से काफी संख्या में बच्चों ने सरकारी स्कूलों में प्रवेश लिया। इस मोह भंग की कई वजहें रहीं। इसमें स्मार्ट हो रही कक्षाएं, ऑनलाइन कक्षाओं का बेहतर संचालन, मोहल्ला क्लास, नौकरी छूटने के कारण भारी भरकम न दे पाना, निजी स्कूलों की तमाम सुविधाएं सरकारी स्कूलों में मिलना आदि शामिल रहीं।

प्राथमिक शिक्षा में आए हुए इस बदलाव को देखते हुए शिक्षा विभाग ने इस बार सवा लाख विद्यार्थियों के दाखिले का लक्ष्य रखा है। इसी क्रम में जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों के शत-प्रतिशत नामांकन व ड्राप आउट बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ने के लिए सोमवार को कंपोजिट विद्यालय शिवपुर से स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ हुआ।

कार्यक्रम के दौरान जिले के विधायक, जनप्रतिनिधियों व शिक्षकों ने बच्चों के साथ नगर भ्रमण कर अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने श्रावस्ती से प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्कूल चलो अभियान का वर्चुअल शुभारंभ किया, इसके बाद कंपोजिट विद्यालय शिवपुर में मंत्री अनिल राजभर, रविंद्र जायसवाल व दयाशंकर मिश्र दयालु से जिले स्तर पर इसका शुभारंभ किया।

इस दौरान अतिथियों ने कार्यक्रम में शामिल अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने की अपील की। कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि कोरोना काल में किए गए प्रयासों की बदौलत बनारस का शिक्षा मॉडल पूरे प्रदेश में कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु ने कहा कि कायाकल्प योजना की वजह से सभी विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अन्य सभी सुविधाएं मिल रही है। अभियान के शुभारंभ के अवसर पर जिले के आठ ब्लॉकों के शिक्षकों व बच्चों द्वारा स्कूल चलो अभियान के तहत तैयार किए गए मॉडलों की प्रदर्शनी लगाई गई।

वहीं वार्षिक परीक्षा में प्राथमिक विद्यालय व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावियों सहित शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों व ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विधायक अवधेश सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, नील रत्न पटेल, सीडीओ अभिषेक गोयल, एडी बेसिक अवध किशोर सिंह, रविंद्र सिंह, गोपेश यादव, रूपेश राय, अरविंद पांडेय आदि मौजूद रहे।


Translate »