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होर्मुज के चलते ईरान के सामने झुकने को मजबूर हुआ अमेरिका? 24 घंटों में पलट गया पूरा गेम
अमेरिका और ईरान के बीच पिछले 39 दिनों से जारी जंग आखिरकार मंगलवार को ट्रंप के एलान के बाद थम गई. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस जंग को लेकर दो सप्ताह के सीजफायर का एलान किया. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान में अपने सैन्य अभियान को दो हफ्तों के लिए रोक देगा. ट्रंप के इस सीजफायर के एलान के पीछे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बड़ी वजह माना जा रहा है. जो इस जंग की शुरुआत से ही बंद पड़ा और सैकड़ों जहां इस इलाके में फंसे हुए हैं.
क्या ईरान वसूलेगा होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क?
बता दें कि होर्मुज जलडरमरूमध्य से होकर दुनिया की सप्लाई का कुल 20 प्रतिशत तेल के टैंकर गुजरते हैं. 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बंद कर दिया. हालांकि इस दौरान यहां से भारत समेत कुछ देशों के जहाज एलपीजी और तेल लेकर गुजरने में सफल रहे हैं. जिसने ईरान ने कोई शुल्क नहीं वसूला.
हालांकि जंग के दौरान ईरान ने इस समुद्री मार्ग से गुरजने वाले जहाजों से 2 मिलियन डॉलर शुल्क वसूलने का एलान किया था. अब नए सीजफायर समझौते के तहत भी ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से लगभग 20 लाख डॉलर यानी करीब 16-17 करोड़ रुपये शुल्क वसूलने की बात कही है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह ईरान की सेना के तालमेल से संचालित एक “नियंत्रित यात्रा” प्रणाली होगी.
होर्मुज को खोलने पर युद्धविराम के लिए सहमत हुआ अमेरिका?
होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर टोल वसूलने के लिए ईरान की संसद में मंगलवार को एक ड्राफ्ट बिल पारित किया गया. जिसके तहत इस टोल (शुल्क) को औपचारिक रूप देने का प्रावधान किया है. एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह राजस्व अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद देश के पुनर्निर्माण में इस्तेमाल किया जाएगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में विनाशकारी हमले शुरू करने की समय सीमा से एक घंटा पहले सीजफायर का एलान किया. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित तरीके से खोलने पर सहमत होता है, तो मैं दो हफ्ते के लिए ईरान पर बमबारी और हमले रोकने के लिए तैयार हूं.”
ईरान ने रखा होर्मुज पर शुल्क वसूलने का प्रस्ताव
ईरान इस सीजफायर के लिए जो शर्तें रखी हैं उसमें उसने तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूलने की अनुमति मांगी है. एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को इस बारे में जानकारी दी. अधिकारी ने विस्तार से बताए बिना कहा कि शुल्क जहाज के प्रकार, उसके माल और अन्य अज्ञात परिस्थितियों के आधार पर अलग-अलग होगा.
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबदी ने पिछले सप्ताह कहा था कि तेहरान ओमान के साथ एक प्रोटोकॉल का मसौदा तैयार कर रहा है जिसके तहत जहाजों को जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए परमिट और लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य होगा. उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य पारगमन को प्रतिबंधित करने के बजाय सुगम बनाना है. वहीं ओमान ने कहा कि उसने सुगम पारगमन सुनिश्चित करने के विकल्पों पर ईरान के साथ बातचीत की है, लेकिन यह नहीं बताया कि कोई समझौता हुआ है या नहीं.
ईरान ने अमेरिका के सामने रखी ये शर्तें
अमेरिका से बातचीत के लिए ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने 10 प्रस्ताव रखे हैं. इन्ही पर बातचीत के लिए राजी होने के बाद सीजफायर का एलान किया गया है. इन 10 सूत्रीय मांगों में कहा गया है कि होर्मुज से जहाजों की आवाजाही नियंत्रित तरीके से हो और इसमें ईरानी सेना की भूमिका रहे, इसके साथ ही ईरान और उसके सहयोगी समूहों के खिलाफ चल रहा युद्ध समाप्त किया जाए. अमेरिका अपनी सेना को क्षेत्र के सभी सैन्य ठिकानों से वापस बुलाए.
इसके अलावा ईरान ने नुकसान की पूरी भरपाई, सभी प्रतिबंधों को हटाने और ईरान की सभी अवरुद्ध संपत्तियों को जारी करने की मांग की गई है. परिषद ने एक बयान में कहा है कि, “यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि इस प्रस्ताव की मंजूरी से ये सभी समझौते बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय कानून बन जाएंगे.’ परिषद ने कहा है कि ये ईरानी राष्ट्र के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत होगी. इसके साथ ही ईरान ने ये भी कहा कि बातचीत का मतलब युद्ध की समाप्ति नहीं है, ईरान युद्ध की समाप्ति तभी स्वीकार करेगा जब बातचीत में सभी शर्ते अंतिम रूप से तय हो जाएंगी.
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