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तुर्की में एर्दोगन के खिलाफ तख्तापलट की कोशिश नाकाम, 250 से अधिक लोगों की गई जान, करीब 3000 लोग हिरासत में

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तुर्की में एर्दोगन के खिलाफ तख्तापलट की कोशिश नाकाम, 250 से अधिक लोगों की गई जान, करीब 3000 लोग हिरासत में

अंकारा : तुर्की प्रशासन ने कहा है कि उसने अंसतुष्ट सैनिकों की ओर से राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन से सत्ता कब्जाने की कोशिश को विफल कर देने के बाद पूरे देश पर फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया है। दोनों पक्षों के बीच संघर्ष में 250 से अधिक लोगों की जान गयी हैं।

अपने 13 साल के निरंकुश शासन को मिली रक्तरंजित चुनौती के बाद एर्दोगन ने अपने समर्थकों से आठ करोड़ की जनसंख्या वाले इस रणनीतिक नाटो सदस्य देश में किसी भी तरह की संभावित अराजकता को रोकने के लिए सड़कों पर जमे रहने का आह्वान किया है। तख्तापलट की साजिश में पहले ही 2839 सैनिकों को हिरासत में लिए जाने के साथ ही अधिकारियों ने इस साजिश के लिए अमेरिका में रहने वाले एर्दोगन के प्रतिद्वंद्वी धर्मगुरु फतहुल्ला गुलेन को जिम्मेदार ठहराया।

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शनिवार तड़के तुर्कीवासियों को टेलीविजन पर तख्तापलट की विफलता के बाद बड़ी संख्या में सैनिक आत्मसमर्पण करते नजर आए। कुछ ने अपने हाथ उठा रखे थे जबकि कुछ जमीन पर लेटे थे। प्रधानमंत्री बिनाली यिलदीरिम ने कहा, ‘हालात अब पूरी तरह नियंत्रण में है।’ उनके साथ तुर्की के शीर्ष जनरल थे। उन्हें भी साजिशकर्ताओं ने बंधक बना लिया था।