मिडिल ईस्ट में जंग के रुकने के बाद होर्मुज के रास्ते क्रूड ऑयल टैंकर की आवाजाही को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपडेट जारी किया है. MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि मौजूदा तारीख में भारतीय झंडे वाले 10 जहाज अभी भी पर्शियन गल्फ क्षेत्र में मौजूद है, जबकि 2 अन्य इंडियन टैंकर इस तरफ से खाड़ी में एंट्री कर चुका है. विदेश मंत्रालय ने अनुसार यह दर्शाता है कि दोनों तरफ से जहाजों का आना-जाना सामान्य रूप से शुरू हो चुका है.
रणधीर जायसवाल ने कहा, ’17 जून को MoU पर साइन होने के बाद से अब तक भारत आने वाले 11 जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित पार कर चुके हैं. इसमें भारतीय झंडे वाले कच्चे तेल के 3 बड़े टैंकर शामिल हैं. हर टैंकर में 2,85,000 मीट्रिक टन कच्चा तेल है, जो भारत आ रहा है. इसके अलावा विदेशी झंडे वाला एक एलपीजी कैरियर, एक विदेशी क्रूड ऑयल टैंकर और खाद से लदे 6 विदेशी जहाज भी भारत आ रहे हैं.’ विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि क्षेत्र में मौजूद बाकी भारतीय जहाज भी जल्द ही इस समुद्री रास्ते को पार कर लेंगे.
कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी गैस संयंत्र में हुए धमाके ने 12 भारतीय नागरिकों की मौत पर भारत ने शोक जताया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ’12 भारतीय नागरिकों की मौत बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. इस हादसे में कई अन्य देशों के लोगों की भी मौत हुई, लेकिन रास लाफान में हुए धमाके में हमारे देश के 12 लोगों की जान चली गई. कई अन्य लोग घायल भी हुए हैं.’
उन्होंने इस हादसे में घायल हुए लोगों का जिक्र करते हुए आगे बताया, ‘अलग-अलग देशों के लगभग 66 लोग घायल हुए हैं. हमें ठीक-ठीक नहीं पता कि उनमें से कितने भारतीय नागरिक हैं, लेकिन घायल हुए सभी लोग सुरक्षित हैं. हम पार्थिव शरीर की पहचान करने और उन्हें भारत लाने के लिए स्थानीय अधिकारियों से बात कर रहे हैं. साथ ही हम इस बेहद दुखद घटना में जान गंवाने वालों के परिवारों के संपर्क में भी हैं.’
