ईरान-अमेरिका युद्ध के दौरान कच्चा तेल सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है. कच्चे तेल की कीमतों को होर्मुज का रास्ता कंट्रोल कर रहा है. खाड़ी युद्ध की वजह से जो तेल 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, अब वो 70 से 73 डॉलर प्रति बैरल के बीच झूल रहा है.
कच्चे तेल की कीमत में 30 जून को भी गिरावट आई है. क्रूड ऑयल फिर से गिर गया है. ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड ऑयल 0.26 डॉलर प्रति बैरल की गिरावट के साथ 73.66 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. वहीं WTI ऑयल 0.62 डॉलर की गिरावट के साथ 70.33 बैरल प्रति बैरल पर पहुंच गया है.
कच्चे तेल की कीमतों में क्यों आई गिरावट ?
ब्रेंट ऑयल सोमवार को 73.45 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था, आज 73.45 डॉलर पर ओपन हुआ है. आज इसकी कीमत 73.59 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. कच्चे तेल की कीमतों पर असर अमेरिका-ईरान के बीच तकरार की वजह से हुआ है. अमेरिका और ईरान के बीच आज फिर से दोहा में बातचीत हो सकती है. ईरान किसी भी कीमत पर होर्मुज पर अपना नियंत्रण खोना नहीं चाहता है.
अमेरिका-ईरान के बीच बनेगी बात ?
अमेरिका-ईकान के बीच युद्धविराम समझौता होने के बाद भी हमले जारी रहे. अब दोनों देशों के बीच फिर से दोहा में आज बातचीत हो सकती है. माना जा रहा है कि दोनों देश फिर से मुलाकात करेंगे. वहीं ईरान ने साफ कर दिया है कि होर्मुज पर वो अपना अधिकार नहीं छोड़ेगा. ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने कहा है कि होर्मुज से जहाजों की आवाजाही का नियंत्रण तेहरान अपने पास रखेगा. वहीं अमेरिका का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर ईरान का नियंत्रण नहीं रह सकता है. जबकि ईरान इस रास्ते से कमाई की प्लानिंग बना रहा है.
