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‘बेटी बोल रही घर चलो, लेकिन बिना न्याय नहीं जाऊंगी…’, रांची के एकजुट छात्रों की कहानी ने किया हैरान; कब खत्म होगी महतो की भूख-हड़ताल?

झारखंड की राजधानी रांची के मशहूर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र सरकारी परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. पिछले करीब एक हफ्ते से अधिक समय से यह प्रदर्शन जारी है. स्टेडियम में ब्रह्मानंद कुमार महतो पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं और उनका कहना है कि जबतक हमारी मांगों का समाधान नहीं हो जाता हम यहां से नहीं जाएंगे.

दरअसल, झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में धंधली को लेकर अपना विरोध जता रहे हैं. विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहन है कि आखिर राज्य सरकार एक भी परीक्षा बिना विवाद के क्यों नहीं करा पा रही है. विरोध प्रदर्शन को देश भर के छात्रों का समर्थन मिल रहा है. हालांकि, इस बीच जांच एजेंसियों का भी एक्शन जारी है. पिछले कुछ दिनों में परीक्षाओं में गड़बड़ करने के आरोप 14 लोगों की गिरफ्तारी हो रही है.

‘मुझे नहीं पता भूख हड़ताल कैसे करते हैं’ 

भूख हड़ताल पर बैठे रामगढ़ के रहने वाले ब्रह्मानंद कुमार महतो ने कहा कि मुझे नहीं पता था कि भूख हड़ताल कैसे की जाती है। मैंने पहले कभी ऐसा नहीं किया। मैं बस यहां आया, लेट गया और अपना विरोध शुरू कर दिया। आगे कहा कि मुझे नहीं पता कि यह कब तक चलेगा, लेकिन अगर न्याय पाने के लिए यही करना ज़रूरी है, तो मैं यहाँ रहने के लिए तैयार हूं.

कैसे बढ़ता गया ये विरोध? 

गौरतलब है कि JSSC-JPSC भ्रष्टाचार मुक्त अभियान के नेतृत्व में यह विरोध प्रदर्शन शुरू में 25 जून को रांची की बापू वाटिका तक सीमित रहा. हालांकि, अब बाग में यह एक बड़े छात्र आंदोलन का रूप ले चुका है. अब इस छात्र आंदोलन को छात्रों और राजनीतिक संगठनों से लेकर सिविल सोसाइटी समूहों तक हजारों लोगों का समर्थन मिल रहा है.

अभ्यर्थियों ने सुनाई आपबीती 

इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए राज्य के अलग-अलग हिस्सों से छात्र पहुंच रहे हैं. धरना प्रदर्शन में शामिल होने के लिए धनबाद के 37 वर्षीय मोहम्मद शमशेर आलम ने बताया कि मैं कपड़ों का एक छोटा सा बैग लेकर आया था, यह पक्का नहीं था कि कब लौटूंगा। जिन उम्मीदवारों के मुझसे 50–60 नंबर कम थे, उन्हें नौकरी मिल गई। परीक्षा पास किए हुए मुझे 10 साल हो गए हैं। मेरी शादी हो गई, अब मेरे बच्चे हैं और परिवार का खर्च चलाने के लिए मैंने प्राइवेट नौकरी कर ली है, लेकिन मुझे अब तक वह नौकरी नहीं मिली जिसके लिए मैं क्वालिफाई हुआ था.

‘मां घर कब जाएंगे…’

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान एक ऐसी तस्वीर भी सामने आई है, जिसने लोगों को इमोशनल कर रहा है. झारखंड के लोहरदगा की रहने वाली 40 साल की आनंदी कुमारी ने कहा कि एक दशक बीत चुका है। मैं किसी भी दूसरी भर्ती परीक्षा में शामिल होने की उम्र सीमा पार कर चुकी हूं।

उन्होंने कहा कि मेरी बेटी मुझसे कहती रहती है, ‘मम्मी, चलो घर चलें,’ लेकिन जब तक हमें न्याय नहीं मिल जाता, मैं यहां से नहीं जा सकती. बता दें कि आनंदी कुमारी ने 2016 में जेएसएससी संयुक्त स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक (टीजीटी) को पास किया था, लेकिन अनियमितताओं के कारण उनका चयन नहीं हो सका था.

क्या है झारखंड में परीक्षा अनियमितता का विवाद? 

जानकारी दें कि यह विवाद उस वक्त से शुरू हुआ, जब झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने इसी महीने में 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के परिणाण घोषित किए. 103 सीटों के लिए आयोग की तरफ से कुल 2000 से अधिक लोगों को शॉर्टलिस्ट किया गया. इसी के बाद परीक्षा में धांधली के आरोप लगने शुरू हो गए. छात्रों ने सरकार से जवाब मांगना शुरू कर दिया है.

गत बुधवार को रांची के एसडीएम कुमार रजत और एडीएम धनंजय कुमार ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर विरोध कर रहे छात्रों से मुलाकात की. इसके बाद छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए सीएम आवास पर बुलाया. आज यानी गुरुवार को छात्रों का यह प्रतिनिधि मंडल सीएम हेमंत सोरेन से मिलेगा.

छात्रों का गुस्सा क्यों नहीं हो रहा कम? 

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार,छात्रों को कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन मिल गया है. इसके साथ ही सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा की सहयोगी पार्टी कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने सीएम सोरेन से मामले में दखल देने की अपील  भी की है.

इधर, राज्य सरकार की कोशिशों के बावजूद भी प्रदर्शनकारियों का गुस्सा नहीं शांत हो रहा है. भूख हड़ताल पर बैठ महतो बताते हैं कि उन्होंने इस आंदोलन में शामिल होने के लिए सेंट्रल सिल्क बोर्ड में कॉन्ट्रैक्ट पर चल रही सरकारी नौकरी छोड़ दी थी।

महतो ने बॉटनी में PhD कर रहे हैं और उन 150 उम्मीदवारों में शामिल रहे, जिन्होंने 2023 में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की कीटपालक (सिल्कवर्म रियरर) भर्ती परीक्षा पास की थी. इसके बाद भी किसी की ज्वाइनिंग नहीं हो सकी थी. इस इस भर्ती का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है.

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