Apple का बड़ा फैसला: कंपनी के सर्विस सेंटर पर रिपेयर नहीं होंगे चोरी हुए फोन, ऐसे होगी पहचान

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एपल के इस फैसले की जानकारी एक पत्र से मिली है जिसे एपल ने अपने कर्मचारियों, एपल स्टोर, सर्विस सेंटर और ऑथराइज सर्विस सेंटर को कर्मचारियों को भेजा है। इसकी जानकारी सबसे पहले MacRumors ने दी है। पत्र में कहा गया है कि सभी सेंटर पर GSMA डिवाइस रजिस्ट्री डाटाबेस का इस्तेमाल किया जाएगी जिसकी मदद से पता चलेगा कि जो फोन रिपेयर होने आया है वह चोरी का है या किसी का खोया हुआ फोन है।
सीधे शब्दों में कहें तो अब एपल के सर्विस सेंटर पर फोन को रिपेयर करने से पहले से चेक किया जाएगा कि वह चोरी का फोन है या गुम हुआ फोन है। यदि फोन चोरी का है या किसी का खोया हुआ है तो वह रिपेयर नहीं किया जाएगा। नई शर्तों के मुताबिक यदि आप सर्विस सेंटर पर फोन का बिल नहीं देते हैं तो आपका फोन रिपेयर नहीं किया जाएगा।
आईफोन रिपेयर के लिए एपल की नई शर्त सिर्फ उन iPhone पर ही लागू होगा जिनका फाइंड माय डिवाइस फीचर ऑन होगा। बता दें कि GSMA डिवाइस रजिस्ट्री का इस्तेमाल एपल यह पता लगाने के लिए करता है कि रिपेयर के लिए आया फोन कब खरीदा गया है, कहां से खरीदा गया है और उसका रजिस्ट्रेशन नंबर क्या है। आमतौर पर जब आप किसी फोन के चोरी होने की शिकायत करते हैं तो पुलिस उस फोन के IMEI नंबर को चिन्हित करती है और यह डाटबेस GSMA डिवाइस रडिस्ट्री पर अपलोड होता है।