उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश तक, आपकी रसोई में सजने वाली खाने की थाली में मुनाफाखोरी का धीमा जहर परोसा जा रहा है. हाल ही में खाद्य सुरक्षा विभाग की ताबड़तोड़ छापेमारी में सामने आए खुलासों ने हर किसी के होश उड़ा दिए हैं. कहीं आटे में वजन बढ़ाने के लिए कैंसर परोसने वाला टेलकम पाउडर मिलाया जा रहा है, तो कहीं केमिकल से तैयार नकली पनीर और संदिग्ध देसी घी की सप्लाई बेखौफ जारी है. अगर आप भी बाजार से बिना जांचे-परखे आटा, पनीर या घी खरीद रहे हैं, तो सावधान हो जाइए! यह मिलावट सिर्फ आपके स्वाद को नहीं, बल्कि आपके और आपके परिवार के स्वास्थ्य को गंभीर खतरे में डाल रही है.
1. मैनपुरी में आटे में मिलावट का घिनौना खेल
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के ज्योति खुड़िया इलाके में जब खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एक अवैध आटा निर्माण इकाई पर अचानक छापा मारा, तो अधिकारी भी दंग रह गए. मौके से करीब 2150 किलोग्राम (43 बोरी) टेलकम पाउडर बरामद किया गया, जिसका इस्तेमाल आटे का वजन बढ़ाने और उसे चमकाने के लिए किया जा रहा था.
जानकारी के अनुसार, ये फैक्ट्री बिना किसी लाइसेंस और अनुमति के अजीत कुमार नाम के व्यक्ति द्वारा चलाई जा रही थी. अधिकारियों ने करीब 32250 रुपये का टेलकम पाउडर और तैयार आटे की खेप को जब्त कर फैक्ट्री को तुरंत सील कर दिया. आरोपी के खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज करा दी गई है और आटे व पाउडर के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं.
2. हापुड़ में केमिकल से बन रहा था 200 KG नकली पनीर
उत्तर प्रदेश के ही हापुड़ जिले में खाद्य विभाग ने कांवड़ यात्रा के मद्देनजर चलाए गए अभियान के दौरान टोडलपुर-सिंभावली मार्ग पर एक वाहन को रोककर 2 क्विंटल (200 किलोग्राम) संदिग्ध पनीर जब्त किया. इस पनीर ड्रमों में भरकर ले जाया जा रहा था.
शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी जमील पिछले एक साल से केमिकल मिलाकर नकली पनीर तैयार कर रहा था. यह खतरनाक पनीर हापुड़ से दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और हरियाणा के कई इलाकों में धड़ल्ले से सप्लाई किया जाता था. मिलावट की आशंका को देखते हुए विभाग ने करीब 44000 रुपये कीमत के पूरे पनीर को जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर मौके पर ही नष्ट करवा दिया.
3. उज्जैन में 6.92 लाख रुपये का 1272 लीटर संदिग्ध ‘देसी घी’ जब्त
वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश के उज्जैन में कलेक्टर और खाद्य सुरक्षा आयुक्त को मिली गुप्त शिकायत के आधार पर दौलतगंज और इंदौर गेट स्थित दो अलग-अलग फर्मों पर छापेमारी की गई. जांच टीम ने ब्रांडेड पैकिंग में बिक रहे करीब 1272 लीटर संदिग्ध देसी घी को जब्त किया, जिसकी कुल कीमत 6.92 लाख रुपये आंकी गई है.
जानकारी के अनुसार, सेवकराम घनश्यामदास (दौलतगंज) में ‘धोलपुर फ्रेश’ नाम से बिक रहा 1116 लीटर (कीमत -6.90 लाख रुपये) संदिग्ध घी जब्त किया गया. श्री शिवम इंटरप्राइजेस (इंदौर गेट) से ‘गोवर्धन प्योर घी’ की पैकिंग में रखा 156 लीटर (कीमत-1.20 लाख रुपये) संदिग्ध घी सीज किया गया. दोनों ही जगहों से घी के सैंपल लेकर खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला (Food Testing Lab) भेजे गए हैं.
क्या कहती है जांच और आगे की कार्रवाई?
इन तीनों घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि मुनाफाखोरी के अंधी दौड़ में मिलावटखोर लोगों को ‘धीमा जहर’ परोस रहे हैं. टेलकम पाउडर युक्त आटा पाचन तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है, वहीं केमिकल से बना पनीर और मिलावटी घी आंतों, लिवर और किडनी के लिए बेहद घातक साबित हो सकता है.
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला से रिपोर्ट आते ही दोषियों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI Rules) के तहत सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. तब तक के लिए आम जनता को भी बाजार से खुले और सस्ते खाद्य पदार्थ खरीदते समय बेहद सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
