पश्चिम बंगाल से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां तृणमूल कांग्रेस ( TMC) का एक लोकल लीडर आक्रोशित भीड़ से बचने के लिए बिस्तर के अंदर छुप गया. स्थानीय लोग इस नेता से आवास योजना से जुड़ी धनराशि को वापस देने की मांग कर रहे थे. ऐसे में नेता गुस्साए ग्रामीणों से बचकर भागने की कोशिश कर रहा था. घटना का वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है. वहीं बीजेपी IT सेल के चीफ अमित मालवीय ने भी इसे अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया है.
झूठे वादे पर जनता का आक्रोश
घटना मथाभंगा ब्लॉक 1 के अंतर्गत जोरपार्की ग्राम पंचायत क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां साहिदुल मियां नाम के इस नेता पर आरोप है कि उसने स्थानीय लोगों से आवास योजना के तहत सरकारी मकान सौंपने का वादा किया और उनसे पैसे वसूले. लोगों का आरोप है कि ये धनराशि कट मनी के रूप में ली गई, लेकिन बदले में उन्हें कोई लाभ नहीं दिया गया. मामले को लेकर 25 मई 2026 से इलाके में तनाव अधिक बढ़ गया. सबसे पहले यहां महिलाओं के एक समूह ने मिया के घर के बाहर अपने पैसों के लिए विरोध किया. बाद में बुधवार ( 3 जून 2026) स्थिति तब और बिगड़ गई जब एक बड़े समूह ने उनके घर को घेर लिया और नेता अंदर ही फंस गए.
पलंग के नीचे छुपा नेता
विरोध प्रदर्शन तेज होने के बाद मिया खुद को बचाने के लिए एक बेडरूम में जाकर बिस्तर के नीचे छिप गए. मामले की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और नेता को पंलग के नीचे लेटे हुए पाया. उन्हें बाहर निकालकर सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया. भाजपा IT सेल के चीफ अमित मालवीय ने इसका एक वीडियो अपने ‘X’हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा,’ पश्चिम बंगाल में रिश्वतखोरी का घोटाला अब किसी राजनीतिक तमाशे जैसे नजारे पेश कर रहा है. कूच बिहार के मथाभंगा में स्थानीय लोगों ने TMC नेता शाहिदुल मियां के घर को घेर लिया और उन पर सरकारी आवास योजनाओं के लाभार्थियों से 5,000-20,000 रुपये तक की उगाही करने का आरोप लगाया.’
उन्होंने आगे लिखा,’ जनता का गुस्सा भड़कने पर TMC नेता उग्र भीड़ से बचने के लिए अपने बिस्तर के नीचे छिप गए. आखिरकार पुलिस को उन्हें उनके छिपने की जगह से निकालना पड़ा. काकद्वीप से लेकर नामखाना और अब मथाभंगा तक, कहानी वही है रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार और दहशत. जैसे-जैसे जांच तेज हो रही है और गिरफ्तारियां बढ़ रही हैं, गरीबों का शोषण करने वालों के लिए अब बिस्तर के नीचे भी छिपना मुश्किल होता जा रहा है.’
क्यों गुस्से में जनता?
स्थानीय लोगों के मुताबिक, आरोपियों ने सरकारी आवास देने का वादा करते हुए कई लाभार्थियों से 5,000 रुपये- 20,000 रुपये तक कुल लगभग 8 लाख रुपये की रिश्वत ली. यह वादा आजतक पूरा नहीं हुआ. ऐसे में अब वे नेता से अपना पैसा वापस मांग रहे हैं. पुलिस TMC नेता साहिदुल मियां को बचाने के बाद मथाभंगा पुलिस स्टेशन ले गई. अधिकारियों के मुताबिक जबरन वसूली के आरोपों की जांच चल रही है. बता दें कि बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद से ही कई इलाकों में जनता लगातार TMC नेताओं से कट मनी वापस करने की मांग कर रही है.c
