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बिहार MLC चुनाव: चिराग पासवान की पार्टी ने घोषित किया प्रत्याशी, अशरफ अंसारी को बनाया उम्मीदवार

बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए अब चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) ने भी अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी है. लोजपा (रामविलास) ने अशरफ अंसारी को अपना उम्मीदवार बनाया है. बिहार विधान परिषद के 9 सीटों का चुनाव 18 जून को होना है उसके लिए 11 जून को नामांकन करने की अंतिम तिथि है. उससे पहले अब सभी पार्टियां प्रत्याशियों के नामों का ऐलान करने लगी है.

शुक्रवार (5 जून) को बीजेपी ने 9 सीटों में से चार सीट के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है तो जेडीयू ने 9 में से 3 उम्मीदवारों की घोषणा की है. इस बीच शनिवार (6 जून) को चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास की ओर से भी एक उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी गई है.

एलजेपी ने किसको बनाया उम्मीदवार

उन्होंने पार्टी के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष अशरफ अंसारी को एमएलसी का उम्मीदवार बनाया है. लोजपा रामविलास की एक सीट को जोड़ दें तो एनडीए की ओर से आठ उम्मीदवारों के नाम की घोषणा हो चुकी है. अब सवाल उठने लगा है कि क्या उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश जो अभी बिहार सरकार में मंत्री है परंतु किसी भी सदन के सदस्य नहीं है और ऐसी चर्चा थी कि उन्हें विधान परिषद का सदस्य बनाया जाएगा.

तो क्या उन्हें एमएलसी बनने का मौका नहीं मिलेगा और क्या वे मंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे.  क्योंकि आंकड़े जो दिख रहे हैं उसके अनुसार एक सीट पर महागठबंधन के उम्मीदवार का एमएलसी बनना तय माना जा रहा है. 243 विधायकों में 202 सीट एनडीए के पास हैं तो आरजेडी, वाम दल, कांग्रेस, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी और एक सीट बहुजन समाज पार्टी की जोड़ दें तो कुल 41 सीट विपक्ष के पास हैं.

एक सीट के लिए 27 विधायक होना जरूरी

आंकड़ों के अनुसार एक सीट के लिए 27 विधायक का बहुमत होना जरूरी है ऐसे में हर हाल में 1 सीट महागठबंधन के खाते में जा सकती है. अब सवाल उठने लगा है कि जब 8 सीट पर ही एनडीए उम्मीदवार की घोषणा हो गई है तो क्या दीपक प्रकाश अब मंत्रिमंडल से वापस हो जाएंगे. क्योंकि नियमों के अनुसार बिना किसी सदन में रहने के बावजूद भी मंत्री तो बनाया जा सकता है. परंतु 6 महीने के अंदर किसी सदन का सदस्य होना अनिवार्य है.

आने वाले 2026 के अंत तक विधान परिषद का कोई चुनाव होने की संभावना नहीं दिख रही है. कई राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एनडीए सभी 9 सीटों पर उम्मीदवार उतार सकती है, क्योंकि बीजेपी क्रॉस वोटिंग की तैयारी में है. लेकिन सवाल उठ रहा है कि अगर क्रॉस वोटिंग होती है तो कितनी हो सकती है. क्या 27 सदस्य क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं.

बड़े खेल की तैयारी में बीजेपी

ऐसा अनुमान दिख नहीं रहा है, लेकिन राजनीति है जिसमें कुछ भी संभव है. अब देखना होगा कि 11 जून के पहले क्या उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी की ओर से भी उम्मीदवार उतारे जा सकते हैं. अगर दीपक प्रकाश के लिए एमएलसी चुनाव में नाम की घोषणा की गई तो यह तय माना जाएगा कि बीजेपी विधान परिषद चुनाव में बड़ा खेल करने की तैयारी में जुट गई है.

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