एसआईआर को लेकर जंतर मंतर पर जारी प्रोटेस्ट में दिल्ली पुलिस ने योगेंद्र यादव का हिरासत में ले लिया है. वहीं, इस प्रोटेस्ट में मशहूर वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल भी शामिल हुए हैं.
योगेंद्र यादव ने अपनी गिरफ्तारी से जुड़ा एक पोस्ट जारी करते हुए लिखा है कि पुलिस की तमाम घेराबंदी और हिरासत के बावजूद जनता ने सड़क पर मुख्य चुनाव ‘अभियुक्त’ ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना “महाभियोग” जारी रखा है.
इस पोस्ट के आगे उन्होंने लिखा है कि ज्ञानेश को जाना होगा. Gyanesh Must Go!. वहीं, हैशटैक किया है, जंतर-मंतर सत्याग्रह.
एक वीडियो में योगेंद्र यादव कहते हुए नजर आ रहे हैं, जिसमें दिल्ली पुलिस उनको पकड़ ले जा रही है, कि ज्ञानेश कुमार की छुट्टी करवाएंगे, ये देख लिजिए, दिल्ली पुलिस का तरीका, ये अंग्रेजों का राज है. योगेंद्र यादव ने कहा है कि, ‘जब तक ज्ञानेश कुमार की छुट्टी नहीं, तब तक हम भी छुट्टी नहीं लेंगे.’
जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध हमारा अधिकार है: यादव
इसके अलावा एक वीडियो जारी किया गया है. इसमें सीनियर वकील कपिल सिब्बल, एसएफआई की प्रेसीडेंट नेहा बोरा, मशहूर वकील प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव जंतर-मंतर की ओर बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं.
योगेंद्र यादव ने इस वीडियो पोस्ट में लिखा है, वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल, प्रशांत भूषण, अविक साहा समेत कई वकील साथियों और युवाओं के साथ जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे हैं. जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र में हमारा अधिकार है. पुलिस के दम पर यह अधिकार हमसे नहीं छीना जा सकता.
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शन
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की चुनाव आयोग पर खुलासे के बाद से विपक्ष सरकार को घेरने में किसी तरह की कसर नहीं छोड़ रहा है. देश की सियासत में वोट चोरी, और असंवैधानिक तरीके से काटे गए वोटर्स के नाम का मुद्दा गरमा गया है. खुद राहुल गांधी ने दिल्ली की एक बस्ती का दौरा किया था, जिसमें 728 में से 727 नाम काटे गए थे. सीजेपी ने 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में आंदोलन किया था. यहां से ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेने की मांग की गई. इस दौरान कई नामी हस्तियां मुंबई प्रोटेस्ट में पहुंची थी. इधर, दिल्ली के जंतर मंतर प्रोटेस्ट पर पुलिस ने कार्रवाई की थी, जिसमें करीबन 700 लोगों को हिरासत में लिया गया था.
