पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर भारत ने प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहा है. उन्होंने कहा, ‘PoK में पुलिस की ओर से की गई गंभीर बर्बरता की खबरें आई हैं, जिसमें कई लोग मारे गए हैं और कई घायल हुए हैं. हम इस संदर्भ में लगातार पाकिस्तान की ओर से आने वाली फर्जी खबरों और वीडियो का एक पैटर्न देख रहे हैं. यह पाकिस्तान की ओर से अपनी खुद की विफलताओं को छिपाने और मानवाधिकारों के उल्लंघन से ध्यान भटकाने की एक कोशिश है.’
पीओके में पाकिस्तान के खिलाफ विद्रोह
पीओके में पाकिस्तान के खिलाफ विद्रोह की आग सुलग उठी है. बड़े पैमाने पर हुई हिंसा में 27 लोगों की मौत हुई है तो वहीं 200 से ज्यादा लोग घायल हैं. मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मुजफ्फराबाद, रावलकोट, पूंछ, मीरपुर और नीलम घाटी में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क बाधित हैं. पीओके में नरसंहार और दमन पर जेएसएमएम प्रमुख ने भारत समेत अन्य देशों से की हस्तक्षेप की मांग की है.
भारत समेत दुनिया के लोगों से मांगी गई मदद
जेय सिंध मुत्ताहिदा महाज (जेएसएमएम) के चेयरमैन शफी बुरफत ने भारत समेत दुनिया के लोगों से अपील की है कि वे पीओके, सिंध और दूसरे इलाकों के लोगों पर पाकिस्तानी सेना की ओर से की जा रही क्रूरता के खिलाफ अपनी आवाज उठाएं. उन्होंने कहा, ‘हम न केवल इन अपराधों की कड़ी निंदा करते हैं, बल्कि संयुक्त राष्ट्र, भारत, यूरोप, ब्रिटेन, मिडिल ईस्ट, ईस्ट एशिया, अफ्रीका, मध्य एशिया और दुनिया के सभी सभ्य देशों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन से भी अपील करते हैं कि वे पीओके में पाकिस्तानी सेना द्वारा किए जा रहे नरसंहार, मानवाधिकार के उल्लंघन और सरकार द्वारा प्रायोजित जुल्म पर तुरंत ध्यान दें.’
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 12 आरक्षित विधानसभा सीटों को लेकर जम्मू-कश्मीर जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी (JAAC) और स्थानीय संगठनों का बड़ा आंदोलन चल रहा है. PoK के उठी इस प्रदर्शन की आवाज लंदन में भी सुनाई दी. लंदन स्थित पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर सैकड़ों लोगों ने एकजुट होकर पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ नारेबाजी की.
