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44 सेकंड में दागता है 12 रॉकेट, पिनाका को खरीदने के लिए मची एक दर्जन देशों में होड़

ब्रह्मोस और अस्त्र के बाद पिनाका भी भारत के रक्षा निर्यात का बड़ा उत्पाद बन सकता है. यह भारत के रक्षा निर्यात और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा उत्पादन को और मजबूती देगा. भारत के स्वदेशी पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्‍चर सिस्टम (MBRS) को खरीदने में करीब 12 देश रुचि दिखा रहे हैं. रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारत अपने मित्र देशों को हथियार निर्यात नीति के तहत इस पर जल्द बड़ा फैसला ले सकता है.

मलेशिया, फिलीपींस और थाईलैंड फिलहाल पिनाका खरीदने की दौड़ में सबसे आगे बताए जा रहे हैं. हाल ही में भारत ने इंडोनेशिया को ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल देने पर सहमति जताई है, जबकि फिलीपींस को ब्रह्मोस की आपूर्ति पहले ही हो चुकी है.

पिनाका का विकास DRDO ने किया है और इसका निर्माण भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) तथा लार्सन एंड टुब्रो (L&T) जैसी भारतीय कंपनियां करती हैं. यह सिस्टम भारतीय सेना में पहले से तैनात है और ऑपरेशनल इस्तेमाल में है.

पिनाका की प्रमुख क्षमताएं

44 सेकंड में 12 रॉकेट दाग सकता है.

लगभग 40 किमी तक सटीक हमला करने में सक्षम (बेस वर्जन).

GPS और INS आधारित गाइडेंस से लक्ष्य पर अधिक सटीक वार.

फायरिंग के तुरंत बाद लॉन्च वाहन तेजी से अपनी जगह बदल सकता है, जिससे दुश्मन के जवाबी हमले से बचाव होता है.

बंकर, हथियार डिपो, सैन्य अड्डों और अन्य जमीनी लक्ष्यों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है.

कुल मिलाकर रक्षा निर्यात में भारत की बढ़ती ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिनाका के अलावा ब्रह्मोस मिसाइल खरीदारों की लिस्‍ट भी लंबी होती जा रही है. सबसे ज्‍यादा मुस्लिम देश इसके मुरीद हैं और भारत से खरीदने के लिए प्रयासरत हैं. फिलीपींस और वियतनाम के बाद दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम देश इंडोनेशिया  ब्रह्मोस का तीसरा सबसे बड़ा ग्राहक बनने जा रहा है. यूएई भी खरीदने का इच्‍छुक बताया जा रहा है. कुल मिलाकर आधा दर्जन देश ब्रह्मोस खरीदने के इच्‍छुक हैं.

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