तमिलनाडु में शराब खरीदने वालों के लिए शुक्रवार से नई ऑनलाइन सुविधा शुरू होने जा रही है. राज्य के निषेध और आबकारी मंत्री के. विग्नेश ने गुरुवार को बताया कि ग्राहक TASMAC की वेबसाइट (tasmac.tn.gov.in) के जरिए शराब का ऑर्डर और ऑनलाइन भुगतान कर सकेंगे. हालांकि, शराब की घर तक डिलीवरी नहीं होगी.
घर तक डिलीवरी की खबरों को मंत्री ने बताया गलत
सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने साफ किया कि नई व्यवस्था में शराब की होम डिलीवरी का कोई प्रावधान नहीं है. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन भुगतान करने के बाद ग्राहक को खुद दुकान पर जाकर शराब लेनी होगी. विग्नेश ने घर तक शराब पहुंचाने से जुड़ी खबरों को खारिज करते हुए कहा कि कुछ लोग नई व्यवस्था को लेकर गलत जानकारी फैला रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि घर तक कोई डिलीवरी नहीं होगी. ग्राहकों को ऑनलाइन भुगतान पूरा करने के बाद खुद दुकान पर जाकर शराब लेनी होगी.
मद्रास हाई कोर्ट के आदेश का किया उल्लेख
उन्होंने बताया कि पहले ही दिन 700 से अधिक लोगों ने शराब ऑर्डर और खरीदी है. उन्होंने मद्रास हाई कोर्ट के आदेश का उल्लेख किया, जिसमें पुलिस को उन लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने की अनुमति दी गई थी जो शराब के लिए अधिक राशि चार्ज कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें इस आदेश के बारे में पता है, लेकिन उन्होंने अभी तक पूरी जानकारी नहीं पढ़ी है और समीक्षा करने के बाद ही टिप्पणी करेंगे. उन्होंने बताया कि विदेशी शराब ब्रांड पहले ही शराब की दुकानों में उपलब्ध हैं और जोर देकर कहा कि इस क्षेत्र में कोई एकाधिकार नहीं होना चाहिए, यह कहकर कि ग्राहकों को जो चाहिए वह प्रदान करना उनकी जिम्मेदारी है. उन्होंने यह भी कहा कि बडवाइजर और फोस्टर जैसे विशेष ब्रांडों के लिए आने वाली रिक्वेस्ट पर विचार किया जाएगा.
हर बिक्री का बिल देना होगा, MRP पर ही बिकेगी शराब
मंत्री ने बताया कि ऑनलाइन व्यवस्था अदालत के निर्देशों के पालन के लिए शुरू की गई है. इसका उद्देश्य शराब की हर बिक्री का बिल सुनिश्चित करना है. इससे यह भी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि बोतल पर छपी अधिकतम खुदरा कीमत यानी MRP पर ही शराब बेची जाए.
ग्राहकों की लंबी कतार से मिलेगी राहत
सरकार के अनुसार, ऑनलाइन भुगतान की सुविधा से TASMAC कर्मचारियों पर कैश काउंटर का दबाव कम होगा. ग्राहकों को भी भुगतान के लिए लंबी कतार में खड़े होने से राहत मिलेगी. नई व्यवस्था के तहत ग्राहक किसी खास TASMAC दुकान पर उपलब्ध शराब के अलग-अलग ब्रांड की जानकारी पहले ही देख सकेंगे और उसके बाद अपना ऑर्डर कर सकेंगे.
मंत्री ने कहा कि इससे शराब की बिक्री में पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्राहकों से अतिरिक्त 10 रुपये की अवैध वसूली रोकने में भी मदद मिलेगी.
परेशान करने वाली TASMAC दुकानों को हटाया जाएगा
विग्नेश ने कहा कि ऐसी TASMAC दुकानों की पहचान की जाएगी, जिनकी वजह से आम लोगों को परेशानी हो रही है. इन दुकानों का निरीक्षण किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर उन्हें दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाएगा. मंत्री ने बताया कि TVK सरकार TASMAC से जुड़े कई प्रशासनिक मामलों को भी चरणबद्ध तरीके से सुलझा रही है.
इनमें कर्मचारियों के वेतन से जुड़े मामले, बिजली के बिलों का भुगतान, शराब के कार्टन की ढुलाई और रखरखाव समेत अन्य संचालन संबंधी समस्याएं शामिल हैं.
अवैध शराब की शिकायतों पर होगी कार्रवाई
अवैध शराब की बिक्री से जुड़ी शिकायतों पर मंत्री ने कहा कि इस मामले को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के संज्ञान में लाया जाएगा. इसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी. इस बीच, तमिलनाडु TASMAC कर्मचारी संघ ने ऑनलाइन भुगतान की नई व्यवस्था का कड़ा विरोध किया है. संघ का कहना है कि इस प्रणाली को लागू करने में कई व्यावहारिक दिक्कतें सामने आ सकती हैं.
संघ ने एक बयान में कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वेबसाइट के जरिए शराब की बिक्री में कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए कौन-कौन से सुरक्षा उपाय किए गए हैं.
