पड़ोसी देश पाकिस्तान में आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के कमांडर कारी सईद उर्फ अब्दुल अज़ीज़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. आतंकी कारी सईद उर्फ अब्दुल अज़ीज़ लश्कर ए तैयबा के शोबा-ए-वारसा-ए-शोहदा विभाग का दक्षिण पंजाब में प्रमुख था, जिसका काम भारत में मारे गए आतंकियों के परिजनों को हर महीने पेंशन देना था.
घटना की सीसीटीवी वीडियो एबीपी न्यूज़ के हाथ लगी है जिसमें दिखाई दे रहा है आतंकी कारी सईद उर्फ अब्दुल अज़ीज़ इस्लामाबाद में स्थित लश्कर ए तैयबा की मस्जिद क़ूबा में बैग टांग कर नमाज पढ़ने पहुंचता है. पहुंचने के बाद अपने एक साथी को बैग पकड़ाता है और नमाज़ पढ़ने से पहले वुज़ू करता है. वुज़ू करने के बाद जैसे ही आतंकी कारी सईद उर्फ अब्दुल अज़ीज़ अपना बैग वापस लेकर सीढ़ी चढ़कर मस्जिद के मुख्य हाल में नमाज़ पढ़ने के लिए जाता है. वो जैसे ही चप्पल उतारने के लिए बैठता है वैसे से एकाएक ज़मीन पर गिर जाता है.
पास में ही मौजूद लश्कर ए तैयबा के कैडर के अन्य लोग उसे उठाकर किसी जगह पर लेकर जाते हैं, जहां उसे सांस ना चलने पर सीपीआर दिया जाता है. लेकिन इसके बावजूद कारी सईद उर्फ अब्दुल अज़ीज़ होश में नहीं आता है. कारी को बाद में अस्पताल ले जाया जाता है, जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया जाता है.
1990 से हाफिज सईद के साथ जुड़ा था कारी सईद
सूत्रों के मुताबिक़ कारी सईद उर्फ अब्दुल अज़ीज़ साल 1990 से आतंकी हाफिज सईद के साथ जुड़ा हुआ था और उसका ख़ास कमांडर था. साल 2017 तक कारी सईद उर्फ अब्दुल अज़ीज़ एक्टिव आतंकी रहा और इसका प्रमुख काम लश्कर ए तैयबा के लिए आतंकियों की भर्ती करना था. बाद में इसे लश्कर ने अपने प्रशासनिक कार्यों में लगा दिया, जहां पर दक्षिण पंजाब के मुल्तान, बहावलपुर, डेरा ग़ाज़ी ख़ान के भारत में मारे गए आतंकियों के परिजनों को हर महीने पेंशन पहुंचाने और इन जिलों से ताल्लुक रखने वाले आतंकियों की लिस्ट तैयार करना था.
