देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को लाल किले पर ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया और इसी दौरान पहली बार यहां राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के पूरे संस्करण का गायन हुआ. इसके बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ बजाया गया.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस क्षण को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम्’ स्वतंत्रता आंदोलन का प्रखर जयघोष रहा है और आजादी के 80 वर्ष बाद लाल किले की प्राचीर से इसका पूरा संस्करण सुनना बेहद भावुक करने वाला पल है. इस वर्ष राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं. स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान 21 तोपों की सलामी, सेना के बैंड की प्रस्तुति और भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों से पुष्पवर्षा ने समारोह को और भव्य बना दिया.
अमित शाह बोले- ऐतिहासिक पल का साक्षी बनकर रोम-रोम पुलकित हो उठा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि ‘वंदे मातरम्’ स्वतंत्रता आंदोलन का प्रखर जयघोष रहा है. उन्होंने कहा कि आजादी के 80 वर्ष बाद पहली बार लाल किले की प्राचीर से इसके पूरे संस्करण का गायन हुआ. अमित शाह ने कहा कि इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनकर न सिर्फ रोंगटे खड़े हो गए, बल्कि रोम-रोम पुलकित हो उठा.
लाल किले पर पहली बार बजा ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण
80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में लाल किले की प्राचीर पर पहली बार राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण प्रस्तुत किया गया. राष्ट्रगीत के बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ बजाया गया. इस वर्ष ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के कारण स्वतंत्रता दिवस समारोह में इसे विशेष महत्व दिया गया. प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए भी इस ऐतिहासिक क्षण का उल्लेख किया और कहा कि आजादी के बाद यह पहली बार है, जब लाल किले पर पूरा ‘वंदे मातरम्’ बजाया गया.
तिरंगा फहराते ही 21 तोपों की सलामी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैसे ही लाल किले की प्राचीर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया, 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) ने स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी दी. इसके बाद सेना के बैंड ने ‘वंदे मातरम्’ की धुन प्रस्तुत की. इसी दौरान भारतीय वायुसेना के दो Mi-17 हेलीकॉप्टरों ने लाल किले के ऊपर से पुष्पवर्षा की. एक हेलीकॉप्टर पर तिरंगा और दूसरे पर ‘वंदे मातरम्’ लिखा हुआ ध्वज लहरा रहा था. आसमान से होती पुष्पवर्षा और लाल किले पर गूंजते राष्ट्रगीत ने समारोह को यादगार बना दिया.
‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगान के समान कानूनी सुरक्षा
हाल ही में ‘वंदे मातरम्’ के पूरे संस्करण को राष्ट्रगान के समान कानूनी सुरक्षा दिए जाने की बात सामने आई है. 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्र के नाम संबोधन की शुरुआत और समापन के दौरान भी ‘वंदे मातरम्’ बजाया गया था.
‘वंदे मातरम्’ के अपमान पर सजा का प्रावधान
यह बदलाव राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दिए जाने के बाद आया है. नए प्रावधानों के अनुसार, ‘वंदे मातरम्’ के गायन में जानबूझकर बाधा डालने या इसे रोकने पर जुर्माना, तीन वर्ष तक की जेल या दोनों की सजा हो सकती है.
इस तरह 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से पूरे ‘वंदे मातरम्’ का गायन, 21 तोपों की सलामी और वायुसेना के हेलीकॉप्टरों से पुष्पवर्षा ने स्वतंत्रता दिवस समारोह को ऐतिहासिक और भव्य बना दिया.
