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एशियन गेम्स में 2 रजत पदक जीतकर गांव लौटे हिमांशु ढिल्लों, कुछ यूं हुआ स्वागत

हरियाणा के जींद के हिमांशु ढिल्लों एशियन गेम्स 2026 में 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में दो रजत पदक जीतकर अपने घर लौटे. हिमांशु के घर पहुंचते ही परिवार और ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया. मां ने बेटे का माथा चूमकर स्वागत किया तो परिवार के दूसरे सदस्यों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनकी उपलब्धि की खुशी मनाई.

परिवार के लिए यह पल बेहद भावुक रहा. परिजनों ने कहा कि हिमांशु ने अपनी मेहनत और लगन से परिवार के साथ प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है. बेटे की इस उपलब्धि पर मां और दादी की आंखों में खुशी साफ दिखाई दी. परिवार के लोगों ने कहा कि अब उनका सपना है कि हिमांशु आने वाले समय में ओलंपिक में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतें और तिरंगा ऊंचा करें.

रेसलिंग से शूटिंग तक का सफर

हिमांशु को बचपन से ही खेलों का शौक था. शुरुआत में उन्होंने रेसलिंग में हाथ आजमाया था. हालांकि बचपन में लगी चोट के बाद उन्होंने रेसलिंग छोड़कर एयर राइफल शूटिंग को अपना लक्ष्य बनाने का फैसला किया. इसके बाद उन्होंने लगातार अभ्यास और मेहनत की और शूटिंग में अपनी पहचान बनाई.

परिजनों के मुताबिक हिमांशु पढ़ाई में बहुत ज्यादा रुचि नहीं रखते थे, लेकिन खेलों को लेकर उनका जुनून बचपन से ही था. परिवार ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए पूरा सहयोग दिया. इसी मेहनत और परिवार के समर्थन के दम पर हिमांशु ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाई.

दो रजत से बढ़ा गौरव

एशियन गेम्स 2026 में 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में दो रजत पदक जीतने के बाद हिमांशु ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार को दिया. उन्होंने कहा कि परिवार के सहयोग, हौसले और लगातार प्रोत्साहन की वजह से वह इस मुकाम तक पहुंच सके हैं.

हिमांशु ने कहा कि उनकी मेहनत अभी जारी है. अब उनका लक्ष्य ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है. वह आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने प्रदर्शन को और बेहतर करना चाहते हैं, ताकि देश के लिए और पदक जीत सकें.

मां और दादी भावुक

हिमांशु के घर लौटने पर परिवार ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया. मां ने बेटे का माथा चूमकर स्वागत किया, जबकि परिवार के दूसरे सदस्यों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया. मां और दादी की आंखों में बेटे की उपलब्धि की खुशी साफ नजर आई. परिवार ने उम्मीद जताई कि हिमांशु आगे भी इसी तरह देश के लिए पदक जीतते रहेंगे. जींद से गुलशन चावला की रिपोर्ट.

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