पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को चेतावनी दी कि अगर सत्ताधारी BJP की मर्जी के हिसाब से वोटर लिस्ट में बदलाव होते रहे, तो भारत ‘बनाना रिपब्लिक’ जैसा बन सकता है. उन्होंने चुनाव आयोग के फैसलों पर आपत्ति जताने वाले दो चुनाव आयुक्तों की तारीफ भी की. मुफ्ती ने दो चुनाव आयुक्तों द्वारा कई बार चुनाव आयोग के फैसलों और रुख पर आपत्ति जताने पर कहा कि भारतीय लोकतंत्र की सेहत के लिए ये असहमति जरूरी है.
उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, “आज वो भारतीय लोकतंत्र की सबसे बुनियादी चीज, यानी चुनावी प्रक्रिया को ही कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं. वो वोटर लिस्ट में हेर-फेर कर रहे हैं, जैसा कि दो चुनाव आयुक्तों ने बताया है. ”
‘भारत-पाकिस्तान भाई-बहन जैसे देश’
मुफ्ती ने भारत और पाकिस्तान को ‘भाई-बहन जैसा देश’ बताया और कहा, “मुझे लगता है कि हमारे दोनों भाई-बहन जैसे देश, भारत और पाकिस्तान, एक-दूसरे को बर्बाद करने और एक-दूसरे से मुकाबला करने की कोशिश कर रहे हैं कि कौन अपने लोगों को अधिक नुकसान पहुंचा सकता है, कौन अपने देश को अधिक नुकसान पहुंचा सकता है.” उन्होंने कहा कि देश की चुनावी प्रक्रिया भारत के लोकतांत्रिक पहचान के लिए बहुत अहम है.
BJP को घेरा
उन्होंने कहा, “हमारा देश भारत, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र माना जाता है और जिसके बारे में हमारे प्रधानमंत्री विदेश में गर्व से ‘लोकतंत्र की जननी’ (मदर ऑफ डेमोक्रेसी) कहते हैं, लेकिन अगर ऐसे ही वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने का काम BJP की मर्जी से होता रहा, तो एक दिन ऐसा आ सकता है जब हमारा देश, जो दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है वो ‘बनाना रिपब्लिक’ जैसा बन जाएगा.”
इमरान खान के मुद्दे पर पाकिस्तान को घेरा
मुफ्ती ने भारत के हालात की तुलना पाकिस्तान में हो रही घटनाओं से भी की, खासकर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहनों को हिरासत में लेने के मामले से. उन्होंने कहा, “वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान पूरी दुनिया भर में शांतिदूत और शांति के मध्यस्थ के तौर पर घूमता है, लेकिन अपने देश में असहमति को सख्ती से कुचल रहा है.”
PDP अध्यक्ष ने कहा, “इमरान खान की बहनों को हिरासत में लेना, जो निहत्थी हैं, जो बहुत शांति से विरोध कर रही हैं, उन्हें सिर्फ इसलिए हिरासत में लिया गया क्योंकि वो अपने भाई के समर्थन में खड़ी होने की कोशिश कर रही थीं. यह क्या दिखाता है?” इस तरह महिला प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि के खिलाफ है.
पाकिस्तान से भारत बेहतर
उन्होंने आगे कहा, “आप दुनिया भर में शांतिदूत बनकर घूम रहे हैं और अपने ही देश में, अपने ही घर में, उन महिलाओं को हिरासत में ले रहे हैं जिनके हाथों में कोई हथियार नहीं है.” मुफ्ती ने कहा कि उन्हें बस एक ही अच्छी बात दिख रही है कि भारत में अभी भी ऐसे अधिकारी हैं जो सत्ता में बैठे लोगों से सवाल करने की हिम्मत रखते हैं.
उन्होंने इसकी तुलना पाकिस्तान से करते हुए कहा कि वहां के सिस्टम में ऐसी कोई आवाज नहीं है जो इमरान खान की बहनों की ‘मनमानी गिरफ्तारी’ पर सवाल उठा सके. यह बहुत ही दुखद स्थिति है. मुफ्ती ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से वोटरों के नाम हटाने का भी जिक्र किया और कहा कि बदलावों के पैमाने को देखते हुए चुनाव आयोग के अधिकारियों की आजादी बहुत जरूरी हो जाती है.
उन्होंने कहा, “अगर हमारे पास दो चुनाव आयुक्तों जैसे लोग नहीं होंगे तो …मैं इस समय उनका नाम नहीं लेना चाहती. मुझे नहीं पता कि उन्हें किन मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. अब ED के छापे पड़ेंगे, इनकम टैक्स के छापे पड़ेंगे. उनका क्या होगा? अगर हम इसी तरह चलते रहे, तो एक समय ऐसा आएगा जब हम ‘बनाना रिपब्लिक’ जैसे हो जाएंगे. कोई लोकतंत्र नहीं बचेगा.”
