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लगातार तीसरे दिन अमेरिका ने ईरान पर बरसाया बारूद, शिया मुल्क का करारा पलटवार, मिसाइल अटैक में 1 भारतीय की मौत

खाड़ी क्षेत्र में चल रहा युद्ध अब बेहद हिंसक और बेकाबू हो चुका है. मंगलवार सुबह संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रक्षा मंत्रालय ने एक बेहद चौंकाने वाली खबर की पुष्टि की है. रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के दक्षिणी मार्ग पर ईरान ने क्रूज मिसाइलों से बड़ा हमला किया है.

इस भीषण मिसाइल हमले में UAE के झंडे वाले दो कमर्शियल तेल टैंकरों- ‘मोम्बासा’ (Mombasa) और ‘बाहिया’ (Bahia) को निशाना बनाया गया. हमला उस वक्त हुआ जब ये जहाज ओमानी जलक्षेत्र से गुजर रहे थे. ईरान की क्रूज मिसाइलें टकराते ही दोनों जहाजों पर भीषण आग लग गई और चीख-पुकार मच गई.

एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत, 6 गंभीर रूप से घायल

इस अंतरराष्ट्रीय युद्ध की आग में अब निर्दोष भारतीयों का खून भी बह गया है. यूएई रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, ‘मोम्बासा’ टैंकर पर सवार एक भारतीय नाविक (क्रू मेंबर) की इस हमले में दर्दनाक मौत हो गई. जानकारी के अनुसार, हमले में 8 अन्य क्रू मेंबर घायल हुए हैं, जिनमें से चार की हालत बेहद नाजुक है. घायलों में 6 भारतीय नागरिक और 2 यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं.

कड़ी मशक्कत के बाद जहाजों पर लगी आग पर काबू तो पा लिया गया है, लेकिन दोनों जहाजों को भारी नुकसान पहुंचा है. UAE ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताते हुए सख्त चेतावनी दी है कि वह अपने लोगों, जमीन और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए ईरान को करारा जवाब देने का पूरा अधिकार रखता है. यूएई की सेना को हाई अलर्ट पर डाल दिया गया है.

ईरान का दावा: हमने अमेरिकी जहाजों को उड़ाया

दूसरी ओर, तेहरान इस हमले को लेकर बिल्कुल भी बैकफुट पर नहीं है. ईरान की सेना ने खुलकर ऐलान किया है कि उनकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट में नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों को तबाह किया है. वहीं ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने एक सैन्य अधिकारी के हवाले से कहा कि ईरानी नौसेना ने अमेरिकी दुश्मन के साथी जहाजों पर क्रूज मिसाइलें दागी हैं. ईरान का साफ मानना है कि जो देश अमेरिका की मदद कर रहे हैं, वे उसके निशाने पर रहेंगे.

बता दें कि ये हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन अड्डों पर 140 से ज्यादा हवाई हमले किए हैं. अमेरिका का कहना है कि वह अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को ईरान के गुंडाराज से मुक्त कराना चाहता है.

 20% सुरक्षा शुल्क वसूलेगा अमेरिका: ट्रंप  

इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आग में घी डालने वाला एक बड़ा आर्थिक फैसला सुनाया है. ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिकी सेना इस इलाके की सुरक्षा कर रही है, इसलिए अब होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले कार्गो शिप्स पर 20% सुरक्षा शुल्क (Security Fees) वसूला जाएगा. साथ ही अमेरिका ने मंगलवार से ही ईरानी बंदरगाहों की पूरी तरह से किलेबंदी शुरू कर दी है, ताकि ईरान का तेल व्यापार पूरी तरह ठप हो सके. इसी नाकेबंदी से बौखलाए ईरान ने अब क्रूज मिसाइलों से जहाजों को उड़ाना शुरू कर दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं.

अमेरिका ने ईरान के कई शहरों को बनाया निशाना 

इससे पहले बीती आधी रात ईरान के कई बड़े शहर और रणनीतिक ठिकाने एक के बाद एक हुए भीषण धमाकों से दहल उठे. रक्षा सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी वायुसेना ने दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी ईरान को मुख्य रूप से निशाना बनाया है. धमाकों की गूंज इन प्रमुख इलाकों में सुनी गई:

1. बंदर अब्बास (Bandar Abbas) और किश द्वीप (Kish Island)
2. कोनारक (Konarak), जैम (Jam) और रणनीतिक बंदरगाह चाबहार (Chabahar)
3. पाकिस्तान सीमा के करीब स्थित सरावान (Seravan) शहर पर अमेरिका ने भीषण बमबारी की है

इस हमले के दौरान मिडिल ईस्ट के आसमान में अमेरिका के कम से कम एक दर्जन लड़ाकू और ईंधन भरने वाले विमान लगातार उड़ान भरते देखे गए. CENTCOM ने साफ किया कि ये हमला तब तक जारी रहेगा जब तक ईरान की आक्रामक क्षमता और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में जहाजों पर हमला करने की उसकी ताकत को पूरी तरह मलबे में नहीं मिला दिया जाता.

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