उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक की 28 सीटों पर हुए विधान परिषद के चुनाव ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों की टेंशन बढ़ा दी है. भले ही बीजेपी ने सबसे अधिक 13 सीटें जीती हो, लेकिन नागपुर और वाराणसी में हुई हार ने उसके जश्न को फीका कर दिया.
वाराणसी की दोनों सीटों पर बीजेपी को हार मिली है. यहां से प्रधानमंत्री मोदी सांसद हैं. वहीं नागपुर में कांग्रेस ने देर रात जीत दर्ज की. नागपुर में आरएसएस का मुख्यालय है और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह जिला है.
…अब कांग्रेस का तंज
कांग्रेस एक सीट जीतने के बाद बीजेपी पर हमलावर है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने गुरुवार को कहा, ”प्रवचनमंत्री जी को आत्मविश्लेषण की ज़रूरत है, लेकिन वे दूसरों को प्रवचन दे रहे हैं!कांग्रेस की सीटें गिनने से पहले काश यह भी विचार कर लेते कि उनके अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी की दोनों सीटों पर भाजपा क्यों हारी और RSS के गढ़ नागपुर में कांग्रेस ने भाजपा को कैसे हराया?”
उन्होंने कहा, ”मोदी जी, ट्रोलिंग बंद कीजिए. करोड़ों परिवार कमरतोड़ महंगाई से त्रस्त हैं, युवा बेरोज़गार हैं और निजी निवेश ठप पड़ा है. अहंकार छोड़कर इन मुद्दों पर विचार करिए! वाराणसी और नागपुर से लेकर लखनऊ, प्रयागराज, पटना की जनता ने स्पष्ट रूप से आपकी नीतियों के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पारित किया है.”
पीएम मोदी ने क्या कहा था?
इससे पहले पीएम मोदी ने बुधवार को एमएलसी चुनाव रिजल्ट के बीच कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा था कि इसका आकलन करिए कि कांग्रेस ने कितनी सीटें जीती हैं. इसी तरह के एक्स पोस्ट बीजेपी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी किए.
वहीं शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने कहा, ”बैलेट पेपर पर महाराष्ट्र में बीजेपी हार गई है. बैलेट पेपर पर जहां नरेंद्र मोदी सांसद हैं, उस बनारस, वाराणसी यानी काशी में भी बीजेपी हार गई. लखनऊ में भी बीजेपी हार गई. महाराष्ट्र में बैलेट पेपर पर हुए चुनाव में ग्रेजुएट मतदाताओं के सभी क्षेत्रों में बीजेपी हार गई है. इस हार को स्वीकार करना चाहिए.”
यूपी में कहां किसकी जीत?
यूपी में 11 सीटों पर चुनाव हुए. इनमें छह पर बीजेपी और पांच पर समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की. यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले एमएलसी चुनाव सियासी तौर पर काफी अहम है. बीजेपी ने लखनऊ शिक्षक, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक, मेरठ स्नातक, आगरा स्नातक, गोरखपुर शिक्षक और मेरठ शिक्षक सीट पर जीत दर्ज की है. वहीं इलाहाबाद-झांसी स्नातक, वाराणसी स्नातक, लखनऊ स्नातक, आगरा शिक्षक और वाराणसी शिक्षक सीट पर समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की है.
बिहार में जेडीयू को झटका
बिहार में 8 सीटों पर चुनाव हुए. बीजेपी ने चार सीटों पर उम्मीदवार उतारे. इसमें से तीन सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की है. उसे पटना शिक्षक की सीट पर हार मिली. इस चुनाव में गठबंधन सहयोगी जेडीयू को झटका लगा. नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू चार पर लड़ी, इसमें से तीन पर हार मिली. वहीं आरजेडी को फायदा हुआ है. उसे एक सीट पर जीत मिली. वहीं प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज को एक सीट मिली. दो सीटों पर निर्दलीय ने जीत दर्ज की है.
कोसी स्नातक, तिरहुत शिक्षक और दरभंगा स्नातक सीट पर बीजेपी को जीत मिली. पटना स्नातक सीट पर जेडीयू ने जीत दर्ज की. पटना शिक्षक सीट पर आरजेडी को जीत मिली. तिरहुत स्नातक और सारण शिक्षक सीट पर निर्दलीय ने जीत दर्ज की. वहीं दरभंगा शिक्षक निर्वाचन सीट पर जनसुराज ने जीत दर्ज की.
महाराष्ट्र में चौंकाने वाला नतीजा
महाराष्ट्र विधान परिषद की 5 सीट के लिए हुए चुनावों में सत्तारूढ़ महायुति को दो सीटें मिली. इसमें से बीजेपी और शिवसेना ने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की. वहीं महायुति में शामिल एनसीपी को बड़ा झटका लगा. पार्टी ने आत्ममंथन की बात कही है.
अजित पवार गुट ने कहा- आत्ममंथन करेंगे
एनसीपी (अजित पवार) के नेता सुनील तटकरे ने कहा कि हम अपनी हार स्वीकार करते हैं. हमें निश्चित रूप से इस बात पर शोध, आत्मचिंतन और आत्ममंथन करना होगा कि आखिर हमसे कहां चूक हुई और हमें उस जगह पर क्या करना चाहिए था. सतीश चव्हाण ने लगातार तीन कार्यकाल यानी 18 वर्षों तक स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व किया. उन्होंने स्नातक मतदाताओं के लिए बेहद अच्छे तरीके से काम किया है. ऐसे में आखिर उन्हें हार का सामना क्यों करना पड़ा?
शरद पवार की पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जीत दर्ज की है. साल 2023 में विभाजन से पहले ये दोनों सीट अविभाजित NCP के पास थीं.
अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में शिवसेना के किरण सरनाईक ने जीत दर्ज की है. पुणे शिक्षक सीट पर बीजेपी उम्मीदवार कौस्तुभ गावडे को जीत मिली है. पुणे स्नातक सीट पर NCP (SP) की उम्मीदवार हर्षदा देशमुख-जाधव ने बीजेपी की स्मिता जाधव को हराकर जीत हासिल की. छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीट से NCP (SP) उम्मीदवार प्रतापसिंह पाटिल ने NCP के उम्मीदवार को हराया है.
कांग्रेस ने नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पर अपना कब्जा बरकरार रखा है, जहां निवर्तमान एमएलसी अभिजीत वंजारी ने बीजेपी उम्मीदवार सुधाकर कोहले और निर्दलीय प्रत्याशी नितेश कराले को हराया है.
बीजेपी बोली- शिवसेना ने सहयोग नहीं किया
इस रिजल्ट के बाद एनसीपी (एसपी) और कांग्रेस बीजेपी गठबंधन पर आक्रामक है और जीत पर खुशी जता रही है. एनसीपी (एसपी) की नेता सुप्रिया सुले ने कहा महाराष्ट्र में लेजिस्लेटिव काउंसिल की पांच सीटों के लिए हुए चुनाव में, नागपुर, पुणे और मराठवाड़ा की तीन ग्रेजुएट सीटों पर वोटरों ने महाविकास अघाड़ी को वोट दिया और जीत दिलाई. इसके लिए हम सभी का शुक्रिया अदा करते हैं. महाविकास अघाड़ी की लीडरशिप और विचारों पर वोटरों ने जो भरोसा दिखाया है, वह हमारे लिए बहुत कीमती है.
बीजेपी ने खराब प्रदर्शन के लिए डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे नेतृत्व वाले शिवसेना को आड़े हाथों लिया है. बीजेपी प्रवक्ता नवनाथ बन ने कहा कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव में पुणे और नागपुर में सहयोगी दल होने के बावजूद शिवसेना ने अपेक्षित सहयोग नहीं किया।
कर्नाटक का रिजल्ट
कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस को एक सीट गंवानी पड़ी है. बीजेपी ने यहां की कुल चार सीटों में से तीन पर जीत दर्ज की. गठबंधन सहयोगी जेडीएस ने एक सीट पर जीत दर्ज की. जेडीएस ने कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी को बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में हराया है. बीजेपी ने उत्तर-पूर्व शिक्षक, दक्षिण-पूर्व स्नातक और पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कांग्रेस उम्मीदवारों को हराया.
इन नतीजों से कांग्रेस सरकार की स्थिरता पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन इसे बीजेपी और जनता दल (सेक्युलर) के बीच विपक्षी एकजुटता के परिणाम के रूप में देखा जा रहा है. ये कांग्रेस के लिए बड़ी हार मानी जा रही है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के गृह क्षेत्र में कांग्रेस हारी है.
