शर्मा ने कहा कि, “हमें इसका अंदाज़ा था और हमने हर पहलू पर चर्चा करने के लिए पूरी जानकारी और कई बैठकें की थीं. इसी प्लानिंग की वजह से हमने पूरे छतरी चौक इलाके को खाली करा लिया; अब यहां कोई भीड़ नहीं है और सुरक्षा का घेरा बना हुआ है. पत्थरबाजी की घटना में कुछ पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आईं, लेकिन वे सतर्क हैं और ड्यूटी के लिए तैयार हैं. हमने स्थिति को संभालने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया. पूरे इलाके की निगरानी CCTV और ड्रोन से की जा रही है. हम सोशल मीडिया पर भी कड़ी नज़र रख रहे हैं. जो लोग ज़िले के बाहर से गड़बड़ी फैलाने आए थे, उन्हें कल देर रात बॉर्डर पर पुलिस ने रोका और अलग-अलग थानों में हिरासत में लिया गया है. अब हम CCTV और ड्रोन फुटेज का इस्तेमाल करके दोषियों की पहचान करेंगे और शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करेंगे. कुछ महिलाओं ने सड़क जाम करने की भी कोशिश की; हालांकि, उन्हें समझाने और स्थिति का वीडियो फुटेज दिखाने के बाद, उन्होंने जाम हटा लिया. सड़क खुली है. मैं सभी से सहयोग की अपील करता हूं; अगर कोई ऐसी गतिविधियों में शामिल होता है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. जैसा कि आप सभी देख सकते हैं, यह पूरा काम कमेटी खुद कर रही है, और इसमें सबकी सहमति है.”
SP प्रदीप शर्मा ने कहा कि समाज के सभी समुदाय और वर्ग अपने-अपने इलाकों में लगातार सहयोग और समर्थन दे रहे हैं. आज भी शाही मस्जिद में मस्जिद कमेटी की तरफ से ही गिराने का काम चल रहा है. एहतियात के तौर पर, पूरी सुरक्षा घेराबंदी की गई है और किसी के भी आने-जाने पर रोक है. हालांकि, कुछ शरारती तत्वों ने गड़बड़ी फैलाने और पत्थरबाजी करने की कोशिश की. मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और हल्के बल का इस्तेमाल किया. मुस्लिम समुदाय के नेता भी शांति बनाए रखने की अपील करते हुए वीडियो संदेश जारी कर रहे हैं. स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है. मस्जिद कमेटी की तरफ से गिराने का काम लगातार चल रहा है.”
