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Petrol-Diesel Limit: पेट्रोल पंपों पर लागू कोटा सिस्टम, अब तय लिमिट से 1 बूंद भी ज्यादा नहीं खरीद पाएंगे डीजल

सरकार ने सरकारी तेल कंपनियों के रेवेन्यू में हो रहे नुकसान को रोकने के लिए पेट्रोल पंपों पर थोक में ईंधन खरीदने पर पूरी तरह रोक लगा दी है. यानी कि नए नियमों के तहत, थोक खरीदार अब रिटेल पेट्रोल पंपों से तेल नहीं खरीद पाएंगे.

अब तक मॉल, अस्पताल, बड़ी फैक्ट्रियां, ट्रैवल एजेंसियां और निजी बस ऑपरेटर्स, जो पहले रिटेल पंपों से भारी मात्रा में डीजल खरीदते थे, वे अब ऐसा नहीं कर पाएंगगे. उन्हें केवल बल्क सेल पॉइंट्स से ही डीजल खरीदने की अनुमति होगी.

कितनी तय की गई है लिमिट?

साथ ही एक गाड़ी के लिए एक दिन में अधिकतम 200 लीटर की लिमिट भी तय कर दी है. इसके चलते आम जनता और छोटे कमर्शियल वाहन भी पेट्रोल पंपों पर एक बार में या एक दिन में 200 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं खरीद पाएंगे.

इस फैसले से आम पेट्रोल पंपों पर होने वाली भारी भीड़ और अचानक होने वाली तेल की किल्लत पर रोक लगेगी, जिससे आम वाहन चालकों को आसानी से ईंधन मिलता रहेगा. इस बीच, बीते शुक्रवार को अमेरिका-ईरान के बीच समझौते की खबरों से कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत 86 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई.

क्यों लगाई गई पाबंदी?

इस बार खासकर डीजल की बिक्री पर पाबंदी लगाई गई है. नोटिफिकेशन में कहा गया है, “रिटेल आउटलेट डीलर HSD (हाई स्पीड डीज़ल या डीजल) सिर्फ गाड़ी के टैंक या PESO से मंजूर कंटेनर में ही देंगे. एक ग्राहक या गाड़ी को एक दिन में 200 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं दिया जाएगा और इस HSD को दोबारा बेचा नहीं जा सकेगा.” यह आदेश तुरंत लागू हो गया है और ज्यादा से ज्यादा तीन महीने के लिए जारी किया गया है.

सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के अधिकारियों और एग्जीक्यूटिव ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि यह कदम असली ग्राहकों के लिए पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पक्का करने और ऑटो फ्यूल के गलत इस्तेमाल (डायवर्जन) को रोकने के लिए उठाया गया है क्योंकि पंप की कीमत और थोक बिक्री की कीमत में बहुत ज्यादा अंतर है. दिल्ली के पंपों पर डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर है, जबकि थोक में इसकी कीमत 134.50 रुपये प्रति लीटर है.

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